‘बस्तर पंडुम’ ने तोड़ी हिंसा की पुरानी छवि, नई पहचान गढ़ रहा आदिवासी अंचल
रायपुर।
जिस बस्तर का नाम आते ही कभी हिंसा, माओवाद और पिछड़ेपन की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती थी, आज वही बस्तर देशभर में शांति, सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास की नई मिसाल बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए बस्तर में आए इस ऐतिहासिक बदलाव को लेकर बड़ा बयान दिया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से बस्तर आज अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय परंपराओं, लोक-संस्कृति और विरासत को सहेजने के साथ-साथ शांति, विश्वास और जनभागीदारी का सशक्त संदेश भी हैं।
सीएम साय ने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब बस्तर की पहचान डर और असुरक्षा से जुड़ी थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के विस्तार ने क्षेत्र के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला दिया है। स्थानीय लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है और विकास में उनकी भागीदारी भी साफ नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में भरोसे का नया माहौल बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
