रांची: झारखंड में उत्पाती हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को इस जानलेवा हाथी ने बेनीसागर में दो और लोगों की जान ले ली। इससे पहले पिछले नौ दिनों में मरने वालों की संख्या 22 हो चुकी है। पीड़ितों में 40 वर्षीय प्रकाश मालवा और एक बच्चा शामिल थे। घटनास्थल पर चश्मदीदों ने बताया कि बच्चे का शव हाथी के दांत में फंस गया था, जो हमले की क्रूरता को दर्शाता है।
वन विभाग और गांव वालों की टीम हाथी को जंगल में भगाने की कोशिश कर रही थी, तभी हाथी ने पश्चिम बंगाल से बुलाए गए एक वन अधिकारी पर हमला कर दिया। उसे बार-बार जमीन पर पटका गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पश्चिम सिंहभूम के DFO आदित्य नारायण ने बताया कि जैसे ही हाथी की सही स्थिति का पता चलेगा, उसे बेजोस करके सुरक्षित जगह पर भेजा जाएगा। इसके लिए पश्चिम बंगाल से विशेषज्ञों की टीम और वन्यजीव संरक्षण संगठन ‘वन्तरा’ की मदद ली जा रही है।
हाथी लगातार अपनी जगह बदल रहा है, जिससे उसे ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है। रात में इंसानी बस्तियों पर हमला करने के बाद वह दिन में घने जंगलों में छिप जाता है। ग्रामीणों ने रात की गश्त बढ़ाने और चेतावनी सिस्टम मज़बूत करने की मांग की है, ताकि और जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
