महासमुंद में सख्त कार्रवाई, 27,551.64 क्विंटल धान जब्त, 205 प्रकरण दर्ज

महासमुंद: जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने अवैध धान परिवहन, भंडारण और विक्रय के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर चल रही लगातार जांच और संयुक्त कार्रवाई के तहत अब तक 205 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जबकि 27,551.64 क्विंटल धान जब्त किया गया है।

प्रशासन की कार्रवाई में 18 राइस मिलों का भौतिक सत्यापन भी किया गया है, जिन्हें संबंधित प्रकरणों में शामिल किया गया है। इस अभियान में राजस्व, मंडी, सहकारिता और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें सक्रिय रूप से शामिल हैं।

जिला प्रशासन की सतर्क निगरानी

जिले के प्रमुख मार्गों, अंतरराज्यीय जांच चौकियों, राइस मिलों और धान उपार्जन केंद्रों पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का अवैध भंडारण, परिवहन या अनुचित गतिविधि पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू बनाए रखना है।

कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

त्वरित कार्रवाई का ताजा मामला

इसी क्रम में बसना विकासखंड अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हरिशंकर पैकरा के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने दो प्रकरणों में 527 कट्टा धान जब्त किया। ग्राम दलदली में हुई इस कार्रवाई में एक प्रकरण में 280 कट्टा और दूसरे में 247 कट्टा अवैध धान बरामद किया गया।

जिला प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि आगे भी इस तरह की सख्त निगरानी और कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

अधिकारियों के अनुसार, समानांतर टीमों के माध्यम से अवैध धान गतिविधियों पर सतत नजर रखी जाएगी, ताकि किसानों के हित, खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जिले की कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।