AQI 600 पार, GRAP-4 लागू, प्रदूषण को लेकर स्वास्थ्य चिंताएं बढ़ीं
नई दिल्ली : दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राजधानी का AQI 600 को पार कर चुका है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। इस बीच, कुछ लोगों ने दिवाली के दौरान पटाखों पर हटाया गया बैन प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण बताया है।
पटाखों को छूट देने वाला फैसला पूर्व चीफ जस्टिस बी.आर. गवई की बेंच ने दिया था। जब इंडियन एक्सप्रेस के एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या इस फैसले में प्रदूषण की वास्तविकता को नजरअंदाज किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया।
जस्टिस गवई का पक्ष
जस्टिस गवई ने कहा कि, “कोर्ट पिछले दशक से इस मामले की निगरानी कर रहा है। 2020 में तीन जजों की बेंच ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद पटाखों की इजाजत दी थी। इसके बाद, अगले साल दो जजों की बेंच ने पूरी तरह बैन लगा दिया। मेरा हमेशा मानना रहा है कि जब हम आदेश पास करते हैं, तो वह व्यावहारिक और लागू होने योग्य होना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं लुटियंस ज़ोन में रहता हूं। पूरी तरह से बैन होने के बावजूद भी पटाखों की आवाज़ सुनाई देती थी। इसलिए जब भारत सरकार और यूनियन ऑफ इंडिया ने कोर्ट से ट्रायल बेसिस पर छूट देने का अनुरोध किया, तो हमने दो दिनों की अनुमति दी। साथ ही AQI लेवल की स्टडी करने के निर्देश भी दिए गए।”
दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ा
दिवाली के अगले दिन दिल्ली में हवा का प्रदूषण तेजी से बढ़ा। PM2.5 का औसत स्तर 488 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया, जो WHO के सुरक्षित स्तर से लगभग 100 गुना अधिक था। यह दिवाली से पहले की हवा की गुणवत्ता से 212 प्रतिशत अधिक थी। इस कारण कई लोग मानते हैं कि पटाखों की छूट प्रदूषण बढ़ने में मुख्य भूमिका रही।
GRAP-4 लागू, सख्त पाबंदियां
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए GRAP-4 लागू कर दी है। इसके तहत—
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सभी निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं।
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10वीं और 12वीं क्लास को छोड़कर सभी स्कूलों की फिजिकल क्लास बंद।
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आवश्यक वस्तुएं और सेवाओं से जुड़े CNG/इलेक्ट्रिक ट्रकों को छोड़कर अन्य वाहनों की एंट्री पर रोक।
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ऑनलाइन क्लास और आवश्यक सेवाओं की वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।
