घरों में बर्तन धोकर मां ने पढ़ाया, बेटा बना CGPSC 2024 में टॉपर

कोरबा। मानस नगर के निवासी राज पटेल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद CGPSC 2024 में 22वीं रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। उनके पिता स्वर्गीय संतोष पटेल के निधन के बाद उनकी मां शकुंतला पटेल ने अकेले ही उनका पालन-पोषण किया।

मां की मेहनत और समर्पण

शकुंतला पटेल दूसरों के घर बर्तन धोकर अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च पूरा करती थीं। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि राज की शिक्षा में कोई कमी न आए। राज ने बताया कि इस परीक्षा में उनका यह दूसरा प्रयास था। इस साल CGPSC में लगभग 2 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनमें से मुख्य परीक्षा के लिए 4000 का चयन हुआ और अंतिम सूची में 230 उम्मीदवार शामिल किए गए।

शिक्षा और तैयारी

राज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की और बाद में अद्वैत फाउंडेशन के छात्र रहे। संस्था ने उन्हें कोरोना काल में मुफ्त शिक्षा प्रदान की और पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को दूर किया। राज ने बताया कि अनुशासन, लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन उनकी सफलता के मुख्य कारण रहे।

परिवार का योगदान

राज के पिता संतोष पटेल सीएसईबी 200 प्लांट में मजदूर थे, जिनका 2004 में निधन हो गया। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी पूरी तरह उनकी मां पर आ गई। उन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष से राज को अधिकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राज ने अपनी सफलता का श्रेय मां, गुरुजनों और अद्वैत फाउंडेशन को दिया और कहा कि उनकी मेहनत और समर्थन ने उन्हें यह मुकाम हासिल करने में मदद की।