दिल्ली टीन सुसाइड केस: ‘स्कूल बुलिंग’ की आशंका से मचा हड़कंप, जांच में स्कूल सिस्टम की बड़ी खामियां उजागर

 क्लास-10 के छात्र की आत्महत्या से स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप, हेडमिस्ट्रेस समेत तीन शिक्षक निलंबित—तीन दिन में रिपोर्ट देगी जांच समिति

नई दिल्ली। वेस्ट दिल्ली में कक्षा 10 के एक 16 वर्षीय छात्र द्वारा मेट्रो स्टेशन से कूदकर आत्महत्या करने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। घटना के बाद सवालों के घेरे में न सिर्फ स्कूल प्रशासन है, बल्कि पूरा शिक्षा तंत्र। छात्र के बैग से पुलिस को मिला एक हैंडरिटेन नोट इस मौत को ‘स्कूल बुलिंग’, ‘मानसिक उत्पीड़न’ और ‘टारगेटेड हैरासमेंट’ से जुड़ा गंभीर मामला साबित कर रहा है।

हैंडरिटेन नोट में शिक्षकों और हेडमिस्ट्रेस पर आरोप

दिल्ली पुलिस के अनुसार, छात्र के बैग में मिले नोट में उसने लिखा है कि उसे महीनों से टारगेट किया जा रहा था। मामूली बातों पर डांटना, बार-बार धमकाना और हेडमिस्ट्रेस का कथित दुर्व्यवहार उसकी परेशानी का मुख्य कारण थे। परिवार का दावा है कि छात्र की शिकायतों को स्कूल ने अनदेखा किया।

नोट मिलने के बाद पुलिस ने स्कूल स्टाफ के खिलाफ धारा 107 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 3(5) के तहत FIR दर्ज कर ली है। गुरुवार, 20 नवंबर को हेडमिस्ट्रेस और तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया।

उच्चस्तरीय जांच समिति गठित

शिक्षा निदेशालय ने संयुक्त निदेशक हर्षित जैन की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति बनाई है, जो:

  • स्टाफ की भूमिका

  • स्कूल की काउंसलिंग व्यवस्था

  • छात्र की मानसिक स्थिति और घटनाक्रम

  • प्रशासनिक जिम्मेदारियों
    की जांच कर तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।

परिवार और दोस्तों का दावा—महीनों से चल रहा था उत्पीड़न

छात्र के दोस्तों और परिवार ने बताया कि वह लंबे समय से “टारगेटेड बुलिंग” का शिकार था। पिता ने कहा कि घटना से एक दिन पहले भी वह बोला था कि स्कूल में उसे बहुत परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बेटे को सांत्वना देते हुए कहा था कि बोर्ड परीक्षा के बाद स्कूल बदल देंगे।

परिवार का गंभीर आरोप है कि स्कूल काउंसलर ने छात्र के ‘सुसाइडल थॉट्स’ को नजरअंदाज किया। दोस्तों का कहना है कि वह काउंसलर के पास गया था, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

CCTV फुटेज में सामने आए अहम सुराग

CCTV फुटेज में दिखा कि घटना से पहले छात्र ने प्लेटफॉर्म पर एक महिला को रास्ता बताया, फिर कुछ देर घूमता रहा और गार्ड से भी बात की। जैसे ही गार्ड ने ध्यान हटाया, छात्र ने छलांग लगा दी। पुलिस, शिक्षा निदेशालय और दिल्ली मेट्रो की टीमें जांच में जुटी हैं।

परिवार बोले—कानूनी लड़ाई लड़ेंगे

परिवार ने साफ कहा है कि वे बच्चे को न्याय दिलाने के लिए हर कानूनी कदम उठाएंगे। कई सहपाठियों ने भी बयान दिया कि छात्र के साथ कुछ शिक्षकों द्वारा बुलींग की जा रही थी और छात्र इसे लेकर शिकायत दर्ज कराने वाला था।

क्या हमारा बच्चा स्कूल में सुरक्षित है? बड़ा सवाल

यह घटना सिर्फ एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विफलता का प्रतीक बन चुकी है।
यह याद दिलाती है कि कई बार बच्चे बोलते हैं—but we fail to listen.