21–22 नवंबर को उत्तर-पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश की संभावना, एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन थाम रहा ठंडी हवाओं का रुख
जयपुर। राजस्थान में इस बार मौसम लगातार करवट बदल रहा है। अक्टूबर की भारी बारिश और नवंबर की शुरुआती कड़ाके की ठंड के बाद अब एक बार फिर मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 21 और 22 नवंबर को राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में हल्की बारिश और बौछारों का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, इस बारिश से पूरे प्रदेश में ठंड बढ़ने की उम्मीद नहीं है।
एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन रोक रहा ठंडी हवाओं का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में बने एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं राजस्थान तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसी कारण फिलहाल कड़ाके की ठंड का दौर थम गया है और सर्दी सामान्य स्तर पर बनी हुई है।
IMD का पूर्वानुमान – अगले हफ्ते तक रहेगा असर
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मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले सप्ताह के मध्य तक बनी रह सकती है।
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उसके बाद फिर से उत्तरी हवाएं सक्रिय होंगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
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20 नवंबर को उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान के पास एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।
इसी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से भरतपुर, करौली, धौलपुर, अलवर और आसपास के जिलों में 21–22 नवंबर को बादल छाए रहने और हल्की फुहारें पड़ने की संभावना है।
कई जिलों में बरकरार है ठिठुरन
प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान लगातार नीचे जा रहा है। सीकर एक बार फिर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5°C दर्ज किया गया।
अन्य जिलों का तापमान इस प्रकार रहा—
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नागौर: 5.9°C
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जालोर: 7.0°C
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सिरोही: 7.4°C
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फतेहपुर: 6.9°C
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दौसा: 6.7°C
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अंता बारां: 7.8°C
माउंट आबू में तापमान शून्य के आसपास पहुंच गया है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड और बढ़ गई है।
नवंबर में तेज ठंड की संभावना कम
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि एंटी साइक्लोनिक सिस्टम के चलते नवंबर के शेष दिनों में सर्दी अधिक बढ़ने की संभावना नहीं है। केवल चयनित क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि अन्य हिस्सों में ठंड के तेवर हल्के ही रहेंगे।
