“हथियार डालने से इनकार! जंगल से निकला नक्सलियों का खौफनाक पैगाम — ‘हम नहीं झुकेंगे’…”

बस्तर में आत्मसमर्पणों की बढ़ती लहर के बीच नक्सलियों ने जारी किया नया धमकी भरा पत्र, कहा — गद्दारों को सजा मिलेगी, संघर्ष जारी रहेग

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके से एक बार फिर नक्सलियों का खौफनाक संदेश सामने आया है। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण और सरकारी संवाद पहलों के बीच नक्सलियों ने पत्र जारी कर साफ कर दिया है कि वे अब भी हथियार नहीं डालेंगे। नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी ने अपने इस ताजा बयान में कहा है — “हमारा संघर्ष अब भी जारी है, किसी भी कीमत पर हथियार नहीं छोड़ेंगे।”

पत्र में नक्सलियों ने अपने ही दो पूर्व साथियों सोनू और सतीश को “गद्दार” और “पार्टी विरोधी” बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों ने संगठन की नीतियों को कमजोर किया और निचले स्तर के कैडर को भटकाने का प्रयास किया।

कमेटी के अनुसार, ये पूर्व सदस्य अब सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं और संगठन की अंदरूनी जानकारी बाहर पहुंचा रहे हैं। नक्सलियों ने यह भी आरोप लगाया कि इन गद्दारों की वजह से संगठन की कई रणनीतियां उजागर हुई हैं।

इसी बीच, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। बताया जा रहा है कि फोर्स ने पत्र के स्रोत और प्रामाणिकता की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह पत्र बस्तर के दक्षिणी क्षेत्र से जारी किया गया है, जहां हाल ही में कई बड़ी मुठभेड़ें हुई हैं।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के कई बड़े कमांडर और सैकड़ों कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। राज्य सरकार ने नक्सल उन्मूलन के लिए विकास और संवाद की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। लेकिन नक्सलियों के इस नए बयान ने फिर से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “यह पत्र नक्सल संगठन की बढ़ती बेचैनी और अंदरूनी टूट का संकेत है।” फिलहाल, सुरक्षाबल जंगलों में ऑपरेशन तेज कर चुके हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।