खदान के भीतर बवाल: शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर टूटी लाठियां, भू-विस्थापितों की चीखों से गूंज उठा गेवरा क्षेत्र!
रोजगार और इंसाफ की मांग पर छिड़ा संग्राम, किसान सभा ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
कोरबा: छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS) के नेतृत्व में गेवरा खदान में रोजगार और मुआवजे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे भू-विस्थापितों पर गुरुवार को सीआईएसएफ जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया। बताया जा रहा है कि इस घटना में कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। लाठीचार्ज के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में दीपका थाना पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, भू-विस्थापित अपनी लंबित मांगों — रोजगार, बसावट और उचित मुआवजा — को लेकर शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। प्रदर्शन के दौरान जब एसईसीएल (SECL) के अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचे, तभी अचानक सीआईएसएफ के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से गाली-गलौज करते हुए लाठीचार्ज का आदेश दे दिया।
इस हमले में जिला सचिव दीपक साहू, रमेश दास, बिमल दास और गुलाब दास सहित कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। घायलों को पुलिस जबरन उठाकर थाने ले जाने लगी, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने एकजुट होकर थाने का रुख किया। हालात बिगड़ते देख सीआईएसएफ जवान बीच रास्ते से ही लौट गए।
“तानाशाही नहीं चलेगी” – किसान सभा की कड़ी चेतावनी
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि भू-विस्थापितों की समस्याओं का समाधान किए बिना खदान का विस्तार किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसईसीएल के महाप्रबंधक त्यागी के इशारे पर सीआईएसएफ ने तानाशाही रवैया अपनाया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक बना दिया।
“अगर प्रबंधन ने जबरन खदान विस्तार की कोशिश की, तो आंदोलन और भी उग्र होगा,”
– प्रशांत झा, प्रदेश संयुक्त सचिव, किसान सभा
“लाठी-गोलियों की नोक पर नहीं होगा खदान विस्तार”
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि भू-विस्थापित रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सीआईएसएफ ने लाठियों और बंदूकों के बल पर आंदोलन को कुचलने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि जब तक सभी छोटे खातेदारों को नियमित रोजगार और उचित बसावट नहीं दी जाती, खदान विस्तार नहीं होने दिया जाएगा।
पुराने विवाद भी फिर उभरे
किसान सभा ने आरोप लगाया कि पहले से अधिग्रहित ग्रामों के रोजगार और मुआवजे के मामले वर्षों से लंबित हैं, जबकि प्रशासन और एसईसीएल नए विस्तार को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। कुछ दिन पहले ही कटघोरा एसडीएम और गेवरा जीएम द्वारा बल प्रयोग कर जबरन विस्तार का प्रयास किया गया था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था।
क्या मांगे हैं भू-विस्थापितों की
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प्रत्येक छोटे-बड़े खातेदार को स्थाई रोजगार
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विस्थापित परिवारों को बसावट की व्यवस्था
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प्रभावित गांवों में पेयजल और बुनियादी सुविधाएं
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पुराने मुआवजा मामलों का तात्कालिक निपटारा
किसान सभा ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, खनन कार्य और खदान विस्तार रुकवाया जाएगा।
वहीं, दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने कहा है कि सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मामले की जांच की जाएगी।
