जंगल के नीचे छिपा था मौत का कारखाना! जवानों ने उजागर की नक्सलियों की सीक्रेट गन फैक्ट्री, बारूदी सुरंगों से थर्रा उठा इलाका!

जंगल के नीचे छिपा था मौत का कारखाना! जवानों ने उजागर की नक्सलियों की सीक्रेट गन फैक्ट्री, बारूदी सुरंगों से थर्रा उठा इलाका!

ओडिशा-मलकानगिरी बॉर्डर पर सर्च ऑपरेशन में बड़ा खुलासा — हथियारों के जखीरे संग बरामद हुए विस्फोटक और डेटोनेटर, नक्सल नेटवर्क को गहरा झटका

जगदलपुर। ओडिशा के मलकानगिरी जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कालीमेला थाना क्षेत्र के धूमल और चिलकलामुडी रिजर्व फॉरेस्ट इलाके में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने जंगल के भीतर नक्सलियों की एक गुप्त बंदूक फैक्ट्री का पता लगाया है।

सूत्रों के मुताबिक, आंध्र-ओडिशा सीमा के सिलुरु थाना क्षेत्र में डीवीएफ (District Voluntary Force) की टीम ने छापेमारी की, जहां से अर्धनिर्मित बंदूकेंहथियार मरम्मत के उपकरण, और विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया गया। तलाशी के दौरान तीन बारूदी सुरंगें (वजन 3, 2 और 1 किलो)पांच डेटोनेटरकॉडेक्स वायरवेल्डिंग मशीनजनरेटर, और वेल्डिंग रॉड जैसे उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि यह फैक्ट्री नक्सलियों के लिए हथियारों की मरम्मत और निर्माण का मुख्य ठिकाना थी। बरामद सभी विस्फोटक सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि जब्त किए गए अन्य सामानों को पुलिस मुख्यालय में प्रदर्शित किया गया।

मलकानगिरी पुलिस ने इसे नक्सल नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार बताया है और कहा है कि आने वाले दिनों में इस तरह के अभियानों को और तेज किया जाएगा। सुरक्षा बलों का मानना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों की सप्लाई लाइन को भारी नुकसान पहुंचा है।