ड्राई-डे पर भी नहीं थमी शराब तस्करी: रायपुर में आबकारी विभाग की धुआंधार कार्रवाई, कई तस्कर सलाखों के पीछे!

ड्राई-डे पर भी नहीं थमी शराब तस्करी: रायपुर में आबकारी विभाग की धुआंधार कार्रवाई, कई तस्कर सलाखों के पीछे!

महात्मा गांधी जयंती पर प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से चल रही थी अवैध बिक्री—तिल्दा और आरंग से शराब व महुआ लाहन की भारी जब्ती

रायपुर। महात्मा गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में घोषित ड्राई-डे के बावजूद अवैध शराब की तस्करी और बिक्री थमने का नाम नहीं ले रही। इस पर सख्ती दिखाते हुए आबकारी विभाग रायपुर ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। संयुक्त टीम ने अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में देशी तथा हाथ भट्टी निर्मित महुआ शराब जब्त की।

यह अभियान सचिव सह आबकारी आयुक्त आर. संगीता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और प्रभारी उपायुक्त आबकारी रायपुर राजेश शर्मा के निर्देश पर चलाया गया।

तिल्दा-नेवरा से 49 नग पाव देशी शराब जब्त

2 अक्टूबर को तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर आबकारी विभाग की टीम ने दबिश दी। यहां दुपहिया वाहन से अवैध रूप से शराब का परिवहन हो रहा था। कार्रवाई के दौरान 49 नग पाव (8.84 बल्क लीटर) देशी मसाला शराब जब्त की गई और आरोपी सुनिल निषाद को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

आरंग में तड़के छापा, 90 किलो महुआ लाहन बरामद

सुबह 5 बजे आरंग के ग्राम चिखली में आबकारी टीम ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। यहां हाथ भट्टी निर्मित महुआ शराब का अवैध विक्रय हो रहा था। टीम ने 14.8 बल्क लीटर महुआ शराब और 90 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त कर नष्ट कर दिया। आरोपियों पर आबकारी अधिनियम की गैरजमानतीय धाराओं 34(1)(च), 34(2) और 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज हुआ और विवेचक प्रीति कुशवाहा ने उन्हें जेल भेजा।

प्रशासन का सख्त संदेश

इन कार्रवाइयों ने साफ संदेश दिया है कि ड्राई-डे पर अवैध शराब का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आबकारी विभाग का कहना है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर अवैध बिक्री बढ़ जाती है, इसलिए निगरानी और कड़ी कर दी गई है।

सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, सुधार भी जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ दबिश और गिरफ्तारी से समस्या का हल नहीं निकलेगा। कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग महुआ शराब को आजीविका का साधन मानते हैं। ऐसे में सरकार को कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता और वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देना होगा।