बीजापुर में बड़ा नक्सली साज़िश नाकाम! CRPF ने जंगल से बरामद किए 5 IED बम, वक्त रहते किया विस्फोट

बीजापुर। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सीआरपीएफ की बीडीएस (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) टीम ने नक्सलियों द्वारा लगाए गए पांच घातक आईईडी बरामद कर सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिए। अगर समय रहते इन बमों का पता नहीं चलता, तो यह जवानों के लिए जानलेवा साबित हो सकते थे।

 जंगल में छुपाकर बिछाई थी मौत की जाल

यह कार्रवाई भोपालपटनम थाना क्षेत्र के चिल्लामरका और कांडलापर्ती के बीच घने जंगलों में हुई।

  • 214वीं बटालियन CRPF, 206वीं कोबरा यूनिट, डीआरजी और बीडीएस की टीम एरिया डॉमिनेशन अभियान पर थी।

  • चिल्लामरका से कांडलापर्ती की ओर बढ़ते वक्त नाले के पास संदिग्ध हलचल के बाद इलाके की बारीकी से तलाशी ली गई।

  • तभी टीम को क्रमवार 5 IED मिले, जिन्हें नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाने के लिए बेहद खतरनाक तरीके से प्लांट किया था।

बीडीएस टीम की सतर्कता से इन बमों को तुरंत डिटेक्ट कर नष्ट कर दिया गया।

 मुठभेड़ में ढेर हुए दो मोस्ट वॉन्टेड नक्सली

इसी बीच, नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में सोमवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति के दो बड़े लीडरों को मार गिराया।

  • मारे गए नक्सलियों की पहचान राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई।

  • दोनों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

  • ये तीन दशक से दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय होकर माओवादी गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे थे।

 यह कार्रवाई नक्सलियों के बड़े नेटवर्क को झटका देने वाली मानी जा रही है। एक ओर जहां बीजापुर में बम बरामद हुए, वहीं अबूझमाड़ में दो शीर्ष नक्सली नेताओं का खात्मा सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है।