सावधान! डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठग कर रहे आम नागरिकों को निशाना…

सरगुजा पुलिस ने जारी किया अलर्ट: फर्जी वीडियो कॉल और व्हाट्सअप कॉल के जरिए ठगी, तुरंत सतर्क रहें!

सरगुजा: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा, श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) ने आम नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीके “डिजिटल अरेस्ट” से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील जारी की है।

साइबर ठग अब डिजिटल माध्यम से लोगों को झूठा गिरफ्तार होने का डर दिखाकर बड़ी रकम की ठगी कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में ठग खुद को पुलिस, CBI, इनकम टैक्स या नार्कोटिक्स अधिकारियों के रूप में पेश करते हैं और पीड़ित को वीडियो कॉल या व्हाट्सअप कॉल के जरिए डराकर पैसे मांगते हैं।

डिजिटल अरेस्ट का तरीका:

  • पीड़ित को आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का झूठा दावा कर डराना।

  • वीडियो कॉल के दौरान घर या आस-पास के माहौल को पुलिस या सरकारी कार्यालय जैसा दिखाना।

  • किसी से बात करने या कॉल छोड़ने पर रोक और बड़ी रकम की मांग।

  • इस पूरी योजना को इस तरह से अंजाम देना कि पीड़ित शिकायत न कर सके।

बचाव के उपाय:

  1. अज्ञात नंबर से आने वाली वीडियो/व्हाट्सअप कॉल न स्वीकार करें।

  2. किसी भी स्थिति में डरें नहीं, डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती।

  3. पुलिस या अन्य एजेंसी किसी से व्हाट्सअप/वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।

  4. ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन 1930 पर दें।

सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों को साइबर जागरूकता अभियान के माध्यम से लगातार सतर्क रहने और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए जागरूक किया है।