Teachers Protest: SDM कार्यालय पहुंचे 500 शिक्षक, लेकिन यहां मिला ताला! घंटों इंतजार के बाद ऐसे लिया गया ज्ञापन

Pithora News: सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति और पदोन्नति समेत कई मांगों को लेकर शिक्षकों ने निकाली रैली; शनिवार को बंद मिला SDM कार्यालय, कर्मचारी के पहुंचने के बाद सौंपा ज्ञापन

पिथौरा: छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समय शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले शनिवार को शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिथौरा में धरना-प्रदर्शन किया। करीब 500 शिक्षकों के शामिल होने की संभावना पहले ही प्रशासन को दी गई थी। शिक्षक शहीद भगत सिंह खेल मैदान से रैली निकालकर SDM कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें कार्यालय में ताला लगा मिला। ज्ञापन लेने के लिए भी मौके पर कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे प्रदर्शनकारी शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिली।

खेल मैदान से निकली रैली, SDM कार्यालय के बाहर धरना

पूर्व सूचना के मुताबिक शिक्षक निर्धारित समय पर शहीद भगत सिंह खेल मैदान में एकत्र हुए। इसके बाद सभी शिक्षक रैली के रूप में SDM कार्यालय की ओर रवाना हुए। रैली के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों और सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर नारेबाजी की।

SDM कार्यालय पहुंचने पर शिक्षकों ने देखा कि शनिवार होने के कारण कार्यालय बंद था और गेट पर ताला लगा हुआ था। ज्ञापन सौंपने के लिए कोई अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। इसके बाद शिक्षक कार्यालय परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए।

पहले ही दी गई थी सूचना, फिर भी नहीं था कोई कर्मचारी

शिक्षकों का कहना है कि SDM कार्यालय को पहले ही लिखित रूप से सूचित कर दिया गया था कि वे 22 अगस्त को स्कूल बंद होने के बाद शांतिपूर्ण धरना और रैली के माध्यम से ज्ञापन सौंपेंगे। आवेदन में कार्यक्रम में करीब 500 शिक्षकों के शामिल होने की जानकारी भी दी गई थी।

इसके बावजूद जब शिक्षक कार्यालय पहुंचे तो ज्ञापन लेने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। शिक्षकों ने काफी देर तक इंतजार किया और कार्यालय परिसर के बाहर धरना दिया। उनका कहना था कि यदि SDM स्वयं उपलब्ध नहीं थे, तो कम से कम एक कर्मचारी को ज्ञापन लेने के लिए मौजूद रहना चाहिए था।

घंटों इंतजार के बाद भेजा गया कर्मचारी, तब सौंपा ज्ञापन

काफी देर तक इंतजार और मशक्कत के बाद SDM कार्यालय की ओर से एक कर्मचारी को भेजा गया। इसके बाद शिक्षकों ने अपना ज्ञापन संबंधित कर्मचारी को सौंपा।

ज्ञापन सौंपते समय शिक्षकों ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पूर्व सूचना देने के बावजूद ज्ञापन लेने के लिए किसी कर्मचारी की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

सेवा सुरक्षा से लेकर पदोन्नति तक कई मांगें

फेडरेशन ने सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति और पदोन्नति समेत शिक्षक हितों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इनका जल्द समाधान किया जाना जरूरी है।

शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगी।

शिक्षकों ने कहा- भविष्य में ऐसी स्थिति न बने

प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि शनिवार को कार्यालय बंद रहने की जानकारी के बावजूद उन्होंने प्रशासन को पहले से कार्यक्रम की सूचना दी थी। ऐसे में ज्ञापन प्राप्त करने के लिए एक कर्मचारी की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।

शिक्षकों ने कहा कि अंततः उनका ज्ञापन स्वीकार कर लिया गया, लेकिन भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के दौरान पूर्व सूचना के आधार पर प्रशासन को जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि किसी संगठन या आम नागरिक को ज्ञापन सौंपने के लिए घंटों इंतजार न करना पड़े।

अब देखना होगा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति और पदोन्नति समेत अन्य मांगों पर शासन स्तर से क्या निर्णय लिया जाता है।