Korba News: मानव-हाथी द्वंद्व रोकने की बड़ी तैयारी, वन मंत्री केदार कश्यप ने मैदानी दल को सौंपे सुरक्षा संसाधन; ग्रामीणों को समय पर अलर्ट करने पर जोर
रायपुर, 22 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ में बढ़ते मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने और जंगल से लगे इलाकों में लोगों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए वन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कोरबा प्रवास के दौरान पुतका पहाड़ का निरीक्षण किया और कॉफी प्वाइंट में हाथी मित्र दल (हाथी मितान) के सदस्यों को सुरक्षा उपकरण किट वितरित किए।
वन विभाग की ओर से हाथी मित्र दल के सदस्यों को मोटरसाइकिल और सुरक्षा संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकें और ग्रामीण क्षेत्रों में समय रहते सूचना पहुंचा सकें।
हाथियों की गतिविधियों पर रहेगी लगातार नजर
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हाथी मित्र दल की भूमिका मानव-हाथी टकराव को रोकने में बेहद महत्वपूर्ण है। दल के सदस्य हाथियों की गतिविधियों की निगरानी करने के साथ ग्रामीणों को संभावित खतरे की समय पर जानकारी और अलर्ट दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हाथी वन पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए वन्यजीवों का संरक्षण और स्थानीय लोगों की सुरक्षा, दोनों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
मैदानी अमले के साथ बेहतर समन्वय पर जोर
मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और वन विभाग के मैदानी अमले के साथ बेहतर समन्वय के जरिए मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम किया जा सकता है।
हाथी मित्र दल को दिए जा रहे सुरक्षा उपकरणों से उन्हें जंगल और हाथियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में काम करते समय अतिरिक्त सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने जानी मैदानी कर्मचारियों की चुनौतियां
केदार कश्यप ने हाथी मित्र दल के सदस्यों से उनकी सुरक्षा जरूरतों और मैदानी स्तर पर आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सदस्यों को सावधानी और सुरक्षित तरीके से अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों और वन्यजीवों दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है।
वन्यजीव संरक्षण और जनसुरक्षा दोनों पर फोकस
छत्तीसगढ़ के वन विभाग की यह पहल वन्यजीव संरक्षण के साथ जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हाथी मित्र दल के सदस्य स्थानीय स्तर पर हाथियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने और ग्रामीणों को अलर्ट करने में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।
इस अवसर पर गोपाल मोदी, जोगेश लांबा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
