Kanker News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सांप के काटने के बाद एक युवक कथित तौर पर उसी सांप को गले में लेकर करीब 14 किलोमीटर तक बाइक चलाकर अस्पताल पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए।
बताया जा रहा है कि युवक सांप का रेस्क्यू कर रहा था, इसी दौरान सांप ने उसे काट लिया। इसके बाद युवक ने सांप को साथ लेकर अस्पताल पहुंचने का फैसला किया, ताकि डॉक्टर उसकी पहचान कर सकें।
सांप को गले में डालकर बाइक से निकला
मिली जानकारी के अनुसार, सांप के काटने के बाद युवक ने सांप को अपने गले में लपेट लिया और खुद बाइक चलाकर अस्पताल की ओर निकल गया।
करीब 14 किलोमीटर की दूरी तय करने के दौरान सांप उसके गले में लिपटा हुआ था। इसी दौरान किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में युवक बाइक चलाता दिखाई दे रहा है, जबकि उसके गले में सांप लिपटा हुआ नजर आ रहा है। यह दृश्य देखकर राहगीर और सोशल मीडिया यूजर्स हैरान रह गए।
डॉक्टर सांप की पहचान कर सकें, इसलिए साथ ले गया?
बताया जा रहा है कि युवक का उद्देश्य अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को सांप की पहचान कराने का था, ताकि उसके काटने के अनुसार उपचार किया जा सके।
हालांकि, सांप को जिंदा पकड़कर अपने शरीर के पास रखना बेहद जोखिम भरा कदम था। सांप दोबारा काट सकता था या रास्ते में किसी अन्य व्यक्ति के लिए भी खतरा पैदा हो सकता था।
अस्पताल में शुरू हुआ इलाज
सांप के काटने के बाद युवक अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। सांप की पहचान होने से उपचार में मदद मिलने की बात सामने आई है।
फिलहाल युवक की स्थिति को लेकर उपलब्ध जानकारी सीमित है, लेकिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सांप काटे तो यह गलती बिल्कुल न करें
विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने के बाद उसे पकड़ने, मारने या अपने साथ अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे दोबारा काटे जाने का खतरा रहता है।
बेहतर है कि पीड़ित को जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल ले जाया जाए और डॉक्टरों को सांप के रंग, आकार या अन्य पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित दूरी से दी जाए। अगर संभव हो तो दूर से खींची गई तस्वीर भी डॉक्टरों के लिए मददगार हो सकती है।
सबसे जरूरी बात: सांप को पकड़ने या उसके साथ फोटो/वीडियो बनाने की कोशिश न करें। प्राथमिकता पीड़ित को सुरक्षित तरीके से जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने की होनी चाहिए।
