किताबों से भरा बस्ता… कमरभर पानी और सामने स्कूल की राह! गरियाबंद में बच्चों की रोज की ‘मुश्किल डगर’ ने खोली सिस्टम की पोल

Gariyaband News: छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है, लेकिन गरियाबंद के मैनपुर विकासखंड के खासरपारा में बारिश सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए रोज की बड़ी चुनौती बन गई है। लगातार बारिश के बाद गांव की कच्ची सड़कें पानी से लबालब हो गई हैं। हालात ऐसे हैं कि बच्चों को कमरभर पानी पार कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।

खासरपारा से टेकनपारा के बीच सड़क पर भारी जलभराव के कारण स्कूली बच्चे रोजाना जोखिम उठाकर इस रास्ते को पार कर रहे हैं। एक तरफ कंधे पर किताबों से भरा बस्ता और दूसरी तरफ पानी से भरी सड़क… बच्चों की यह तस्वीर इलाके की जमीनी स्थिति बयां कर रही है।

कच्ची सड़क बनी तालाब, बच्चों के सामने बड़ी मुश्किल

लगातार बारिश के कारण खासरपारा की कच्ची सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। सड़क और आसपास के हिस्से में पानी भरने से रास्ता पहचानना तक मुश्किल हो गया है।

स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यही रास्ता रोज की मजबूरी है। उन्हें इसी जलभराव से होकर स्कूल पहुंचना और छुट्टी के बाद वापस घर लौटना पड़ता है।

कमरभर पानी के बीच स्कूल पहुंचने की मजबूरी

खासरपारा से टेकनपारा के बीच जलभराव इतना अधिक है कि बच्चों को कमर तक पानी में उतरकर रास्ता पार करना पड़ रहा है।

बारिश के बीच भारी स्कूल बैग लेकर पानी पार करते बच्चों के लिए यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं है। पानी की गहराई और रास्ते की स्थिति को लेकर किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका बनी रहती है।

प्रदेश में सामान्य से 7% कम बारिश

इधर मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में आज भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि इसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।

पिछले 24 घंटे में भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई।

मौसम की मार के बीच बच्चों की पढ़ाई पर असर

बारिश का असर गांवों में जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। खासरपारा में सड़क पर जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।

एक तरफ किताबों से भरा बस्ता, दूसरी तरफ कमरभर पानी और बीच में स्कूल पहुंचने की मजबूरी… इन बच्चों की रोज की यह मुश्किल तस्वीर ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान बुनियादी सुविधाओं की चुनौती को सामने ला रही है।

अब सवाल यह है कि जब तक बारिश का दौर जारी रहेगा, तब तक इन बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था होगी या उन्हें इसी मुश्किल रास्ते से स्कूल जाना पड़ेगा?