Ambikapur:
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने करीब 10 दिन की लगातार तलाश के बाद बिहार के पटना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और मोबाइल बंद रखकर राहगीरों के फोन से संपर्क कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के नाम पर जारी 12 बोर लाइसेंसी बंदूक भी जब्त कर ली है।
10 दिन तक पुलिस को देता रहा चकमा
पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के मामले का आरोपी तरुण जायसवाल (51) घटना के बाद से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए डीआईजी एवं एसएसपी के निर्देश पर दो विशेष पुलिस टीमें गठित की गई थीं।
आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
देवघर, पुरी, रांची होते हुए पहुंचा पटना
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। बैंक खाता फ्रीज कराया गया, ट्रैवल हिस्ट्री और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की गई।
पुलिस टीम आरोपी का पीछा करते हुए देवघर, वासुकीनाथ, पुरी और रांची तक पहुंची। आखिरकार बिहार पुलिस के सहयोग से आरोपी को पटना से हिरासत में ले लिया गया।
राहगीरों के मोबाइल से करता था संपर्क
पुलिस ने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना मोबाइल बंद रखता था और किसी को शक न हो, इसलिए जरूरत पड़ने पर राह चलते लोगों के मोबाइल से परिचितों से संपर्क करता था। इसी वजह से उसकी तलाश पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी।
ट्रांजिट रिमांड पर लाया जा रहा आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद उसे अंबिकापुर लाया जा रहा है, जहां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंसी बंदूक भी जब्त
पुलिस ने आरोपी के नाम पर जारी 12 बोर डीबीबीएल लाइसेंसी बंदूक और लाइसेंस भी जब्त कर लिया है। मामले की विवेचना अभी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
