छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 14 अगस्त 2026 कर दी गई है। अब जिले के पात्र किसान निर्धारित तिथि तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकेंगे और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का लाभ ले सकेंगे।
इन फसलों का कराया जा सकेगा बीमा
कृषि विभाग के अनुसार सक्ती जिले में खरीफ सीजन के लिए धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द और मूंगफली को अधिसूचित फसलों में शामिल किया गया है। इन फसलों की खेती करने वाले सभी पात्र किसान 14 अगस्त तक बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं।
प्राकृतिक आपदा में मिलेगा आर्थिक सहारा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को सूखा, जलभराव, ओलावृष्टि, बुवाई नहीं हो पाने, पौध रोपाई विफल होने और कटाई के बाद प्राकृतिक कारणों से फसल नुकसान जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
यदि किसी किसान की फसल को नुकसान होता है, तो वह 72 घंटे के भीतर केंद्र सरकार के कृषि रक्षक पोर्टल या टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 पर इसकी सूचना दर्ज करा सकता है।
अल-नीनो और कम बारिश को देखते हुए अपील
उप संचालक कृषि, सक्ती ने बताया कि इस वर्ष अल-नीनो के संभावित प्रभाव के कारण मौसम अनिश्चित बना हुआ है। मानसून में देरी, समय से पहले समाप्त होने और लंबे समय तक बारिश नहीं होने की आशंका को देखते हुए किसानों से समय रहते फसल बीमा कराने की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक 619.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 729.5 मिमी वर्षा हुई थी। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
ऐसे करा सकते हैं फसल बीमा
कृषि विभाग के अनुसार:
- ऋणी किसान अपनी सेवा सहकारी समिति या संबंधित बैंक के माध्यम से बीमा करा सकते हैं।
- गैर-ऋणी किसान लोक सेवा केंद्र (CSC), संबंधित बैंक, वित्तीय संस्था या बजाज जनरल इंश्योरेंस के अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- किसान स्वयं भी प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बीमा के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, पी-2, ऋण पुस्तिका (यदि लागू हो) और अन्य आवश्यक फसल संबंधी दस्तावेजों के साथ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, नजदीकी CSC केंद्र या संबंधित बैंक में संपर्क किया जा सकता है।
14 अगस्त 2026 के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से समय रहते फसल बीमा कराने की अपील की है।
