Chhattisgarh News: सहायक शिक्षक भर्ती 2026 में आरक्षण और विशेष प्रावधान बहाल करने की मांग, हजारों PVTGs अभ्यर्थियों ने सरकार से की तत्काल हस्तक्षेप की अपील

रायपुर/अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ की सातों विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) ने सहायक शिक्षक भर्ती 2026 में अपने अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में PVTGs समाज के पदाधिकारी, अभ्यर्थी और महिला-पुरुष रायपुर के कलेक्टर परिसर गार्डन में एकत्रित हुए। यहां से सभी ने राजभवन और मुख्यमंत्री निवास तक विशाल पैदल मार्च निकालकर अपनी 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

‘भर्ती प्रक्रिया से PVTGs को किया जा रहा है बाहर’

PVTGs समाज के प्रदेश अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई सहायक शिक्षक भर्ती 2026 में विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पूर्व में दिए गए आरक्षण और विशेष सुविधाओं का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। उनका कहना है कि इससे हजारों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार, अबुझमाड़िया, बिरहोर, भुंजिया और पण्डो जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियां सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से बेहद कमजोर हैं। ऐसे में इनके लिए पहले से लागू विशेष प्रावधानों को समाप्त करना न्यायसंगत नहीं है।

PVTGs समाज ने गिनाईं प्रमुख समस्याएं

प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में कई गंभीर खामियों का आरोप लगाया। उनका कहना है कि—

  • ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में PVTGs के लिए अलग विकल्प नहीं दिया गया है।
  • अनुसूचित जनजाति (ST) के कुल पदों में से 20 प्रतिशत पद PVTGs के लिए आरक्षित नहीं किए गए।
  • टीईटी, डीएलएड और बीएड की अनिवार्यता में पहले मिलने वाली छूट समाप्त कर दी गई है।
  • पहले भर्ती हुए 400 से 500 PVTGs सहायक शिक्षक 12वीं में 45 प्रतिशत से कम अंक होने के कारण डीएलएड नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका स्थायीकरण अटका हुआ है।
  • डीएलएड पूरा कर चुके कई अभ्यर्थियों को भी 12वीं में 45 प्रतिशत अंक नहीं होने के कारण अप्रशिक्षित माना जा रहा है।

सरकार के सामने रखीं 5 प्रमुख मांगें

PVTGs समाज ने राज्य सरकार से पांच प्रमुख मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की है—

  1. सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के आवेदन फॉर्म में PVTGs के लिए अलग विकल्प दोबारा जोड़ा जाए।
  2. ST वर्ग के कुल पदों में से 20 प्रतिशत पद PVTGs अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किए जाएं।
  3. टीईटी, डीएलएड और बीएड की योग्यता में छूट देते हुए नियुक्ति के बाद पांच वर्ष के भीतर इसे पूरा करने की सुविधा दी जाए।
  4. पहले भर्ती हुए 400-500 PVTGs सहायक शिक्षकों के लिए विभागीय डीएलएड की व्यवस्था की जाए।
  5. डीएलएड कर चुके अभ्यर्थियों को 12वीं में 45 प्रतिशत से कम अंक होने पर भी प्रशिक्षित श्रेणी का लाभ दिया जाए।

‘शैक्षणिक और सामाजिक अधिकारों की रक्षा हो’

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार इन मांगों पर जल्द फैसला लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करे, ताकि विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं के शैक्षणिक, सामाजिक और रोजगार संबंधी अधिकार सुरक्षित रह सकें।

इस प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष उदय पण्डो, संभागीय उपाध्यक्ष राजकुमार पण्डो, संभागीय सचिव गुड्डू राम पण्डो, जिला अध्यक्ष विधि पण्डो सहित बड़ी संख्या में पहाड़ी कोरवा, पण्डो और अन्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के पदाधिकारी, अभ्यर्थी तथा महिला-पुरुष शामिल हुए।