बीजापुर में उफनती नदी के बीच फंसे 7 पर्यटक सुरक्षित बाहर निकाले गए, देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

बीजापुर। दक्षिण छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बीजापुर जिले में इंद्रावती और तालपेरू नदी के उफान पर आने से कई गांवों का संपर्क टूट गया। इसी बीच अलग-अलग स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नगर सेना ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान 7 पर्यटकों समेत गर्भवती महिला, नवजात और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार, लंकापल्ली में बाढ़ के कारण फंसे 7 पर्यटकों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं डल्ला और बांडागुड़ा गांवों में फंसी एक गर्भवती महिला, नवजात और अन्य लोगों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ और मध्य प्रदेश में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से पिछले 24 घंटे के दौरान मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश हुई। हालांकि विभाग ने कहा है कि 31 जुलाई से प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, लेकिन अगले 24 घंटों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।

कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

लगातार बारिश का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिला है।

  • गरियाबंद में उदंती नदी पर बन रहा लगभग 9 करोड़ रुपये का निर्माणाधीन पुल ढह गया।
  • रायपुर में खारून नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
  • बस्तर में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 पर पुलिया क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया।
  • दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के खतरे को देखते हुए आवाजाही रोक दी गई है।
  • कांकेर में लगभग 15.5 करोड़ रुपये की लागत से बनी नहर पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई।

प्रशासन सतर्क, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनती नदियों के आसपास नहीं जाने की अपील की है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।