रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ा मुद्दा उठा। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जाने और कई महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलने का मामला सदन में उठाया। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष ने उठाए ये सवाल
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि पहली किस्त मिलने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम योजना से हटा दिए गए। उन्होंने पूछा कि अपात्र घोषित की गई महिलाओं और योजना से वंचित लाभार्थियों की स्थिति क्या है तथा नए आवेदन के लिए पोर्टल दोबारा कब खोला जाएगा।
ई-केवाईसी नहीं होने से रुकी राशि
जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि करीब 1 लाख 55 हजार 655 हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा मृत और निर्धारित मानदंडों के अनुसार अपात्र पाए गए हितग्राहियों के नाम भी सूची से हटाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि करीब एक लाख महिलाओं की सहायता राशि केवल ई-केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण रोकी गई है।
कौन-कौन हुए योजना से बाहर?
मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना के नियमों के अनुसार आयकरदाता, शासकीय सेवकों के परिवार और अन्य अपात्र श्रेणी में आने वाले लोगों को लाभार्थी सूची से हटाया गया है।
पोर्टल दोबारा खोलने पर क्या कहा?
नए आवेदन के लिए पोर्टल दोबारा शुरू करने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि “विष्णु का सुशासन है, जल्द ही पोर्टल खोला जाएगा।” हालांकि उन्होंने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने बेहद कम समय में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर केवल दो महीने के भीतर महतारी वंदन योजना लागू की थी और अब पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
