रायपुर।
छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से सुस्त पड़ा मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज (1 जुलाई) से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी और यदि तेज हवाओं ने बाधा नहीं डाली तो अगले सात दिनों तक कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी रह सकता है। विभाग ने कई इलाकों के लिए गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
पिछले 24 घंटों के दौरान सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई। हालांकि जून महीने में सामान्य से काफी कम वर्षा होने के कारण प्रदेश अब भी बारिश की भारी कमी से जूझ रहा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 30 जून तक प्रदेश में सामान्य रूप से 188 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 66.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी सामान्य से 121.8 मिमी कम बारिश हुई है, जो करीब 65 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। हालांकि मानसून के पूरे प्रदेश में पहुंचने के बाद इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद बढ़ गई है।
सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर घने बादलों का बड़ा सिस्टम सक्रिय है। इसका असर रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा समेत आसपास के जिलों में देखने को मिल सकता है। वहीं बस्तर संभाग में भी बादलों की सक्रियता बनी हुई है। पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा से लगातार नमी वाले बादल प्रदेश की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे बारिश का सिलसिला अगले कई दिनों तक जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।
राजधानी रायपुर में भी आज दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और कहीं-कहीं बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका सक्रिय है, जबकि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
मानसून की यह सक्रियता किसानों के लिए राहतभरी खबर मानी जा रही है। जून में पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई जिलों में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई थी। कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. जी.के. दास के अनुसार अब अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे धान की बुआई और रोपाई के कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
