कांकेर। एक ऐसा हत्याकांड, जिसने महीनों तक पुलिस को उलझाए रखा… अब उसका सच सामने आ गया है। Kanker में 9 महीने पहले हुई मितानिन प्रेरक जयंती मंडल की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है।
👉 इस खौफनाक वारदात के पीछे वजह बनी प्रधानमंत्री आवास योजना की रकम—जिसने एक मामूली विवाद को खून-खराबे में बदल दिया।
जंगल में मिला था शव… हालत देख कांप उठे थे लोग
18 जून 2025 को दुर्गूकोंदल थाना क्षेत्र के जंगल में एक महिला का शव मिला था।
👉 पगडंडी के किनारे पड़ी लाश
👉 सिर और चेहरे पर पत्थरों से वार
दृश्य इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
बाद में मृतका की पहचान जयंती मंडल के रूप में हुई, जो मितानिन प्रेरक के तौर पर काम करती थीं।
9 महीने की जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार
मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई।
तकनीकी साक्ष्यों और लगातार जांच के बाद शक की सुई तारक चंद उर्फ चंदन पर जाकर रुकी।
👉 पहले आरोपी टालता रहा
👉 लेकिन सख्ती से पूछताछ में टूट गया
👉 और आखिरकार अपना गुनाह कबूल कर लिया
40 हजार के लिए रची गई मौत की साजिश
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया—
👉 उसे PM आवास योजना के तहत 40,000 रुपये मिले थे
👉 जयंती मंडल ने घर बनवाने के नाम पर वो रकम ले ली
लेकिन:
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काम शुरू नहीं हुआ
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पैसे भी वापस नहीं मिले
👉 इसी गुस्से में आरोपी ने हत्या की साजिश रच डाली
झांसा देकर जंगल ले गया… और पत्थर से खत्म कर दी जिंदगी
18 जून को आरोपी ने:
👉 नया काम दिलाने का झांसा दिया
👉 जयंती मंडल को जंगल की ओर ले गया
और फिर…
👉 पत्थर से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी
भरोसे का कत्ल – एक और दर्दनाक सच
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं…
👉 यह भरोसे के टूटने की कहानी है
👉 जहां पैसों के लालच ने इंसानियत को कुचल दिया
