गौरेला। छत्तीसगढ़ के Gaurela से भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहां 1 करोड़ 19 लाख रुपये से ज्यादा के अनियमित भुगतान ने प्रशासन को हिला कर रख दिया। मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत ने एक साथ 8 पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है।
15वें वित्त आयोग के पैसे में गड़बड़ी!
जांच में सामने आया कि
👉 15वें वित्त आयोग की राशि से
👉 संबंधित वेंडरों को नियमों के खिलाफ भुगतान किया गया
👉 कुल मिलाकर ₹1,19,56,000 की राशि संदिग्ध तरीके से खर्च की गई।
एक-एक सचिव पर लाखों का खेल
निलंबित सचिवों पर लगे आरोप चौंकाने वाले हैं:
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तेन्दुमुढ़ा: ₹29.98 लाख
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नेवरी नवापारा: ₹26.13 लाख
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ठाड़पथरा: ₹23.26 लाख
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आमाडोब: ₹10.91 लाख
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पूटा: ₹10.72 लाख
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आमगांव: ₹6.40 लाख
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साल्हेघोरी: ₹6.69 लाख
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हर्राटोला: ₹5.47 लाख
👉 यानी हर पंचायत से लाखों रुपये की गड़बड़ी सामने आई।
नियमों के खिलाफ काम, सीधे निलंबन
जारी आदेश में साफ कहा गया है कि:
👉 यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के खिलाफ है
👉 इसलिए अनुशासन एवं अपील नियम 1999 के तहत
👉 सभी 8 सचिवों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
अब यहीं होगा ठिकाना, मिलेगी सिर्फ गुजारा भत्ता
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निलंबन के दौरान सभी का मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला तय किया गया है
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उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा
बड़ा सवाल: क्या सिर्फ 8 लोग ही जिम्मेदार?
इतनी बड़ी रकम की गड़बड़ी के बाद अब सवाल उठ रहे हैं—
👉 क्या यह खेल सिर्फ इन 8 सचिवों तक सीमित है?
👉 या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी है?
गांव की योजनाओं में बड़ा ‘घोटाला’
सरकार की योजनाएं जहां विकास के लिए होती हैं,
👉 वहीं कुछ लोग उसे कमाई का जरिया बना रहे हैं।
