सरगुजा में ‘जहर की सप्लाई’ का भंडाफोड़! पानी टंकी के पास घेराबंदी, बाजार से लेकर गलियों तक फैला था नशे का जाल

896 प्रतिबंधित कैप्सूल के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट के तहत सीधा जेल दाखिल

अंबिकापुर/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में नशे का कारोबार चुपचाप अपने पैर पसार रहा था। बाजार से लेकर पानी टंकी के आसपास तक ‘मौत के कैप्सूल’ की सप्लाई की जा रही थी। लेकिन इससे पहले कि यह जहर और युवाओं तक पहुंचता, संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।

संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा टीम को 18 फरवरी 2026 को बड़ी सफलता हाथ लगी, जब प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

 भागते आरोपी को दौड़ाकर पकड़ा

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में 16 फरवरी 2026 को गश्त के दौरान टीम कत्कालो बाजार, थाना दरिमा क्षेत्र में पहुंची। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार पुलिस को देखकर भागने लगा। टीम ने पीछा कर उसे धर दबोचा।

पूछताछ में उसने अपना नाम मुकेश गुप्ता, निवासी करजी थाना दरिमा बताया। तलाशी लेने पर उसके झोले से 224 नग SPASMO PROXYVON PLUS नशीले कैप्सूल बरामद किए गए।

 मुखबिर की सूचना पर दूसरी बड़ी कार्रवाई

इसी बीच 18 फरवरी की शाम मुखबिर से सूचना मिली कि सूआरपारा पानी टंकी, थाना बतौली के पास दो युवक नशीले कैप्सूल की सप्लाई करने वाले हैं। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल घेराबंदी की और मौके से राहुल तिग्गा और नितेश चौहान को पकड़ लिया।

दोनों के कब्जे से 472 नग SPASMO PROXYVON PLUS कैप्सूल जब्त किए गए।

 एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई

तीनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22C के तहत गिरफ्तार किया गया। 19 फरवरी 2026 को उन्हें माननीय विशेष न्यायालय अंबिकापुर में रिमांड हेतु पेश किया गया, जहां से जेल दाखिल का आदेश जारी हुआ।

 टीम की अहम भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के साथ मुख्य आरक्षक रमेश दुबे, कुमारु राम, अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पांडे, ओमप्रकाश गुप्ता तथा महिला सैनिक चंद्रावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरगुजा को नशा मुक्त बनाने की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा।

 सवाल यह है कि क्या इस कार्रवाई से सरगुजा में फैल रहे नशे के नेटवर्क की जड़ें पूरी तरह खत्म हो पाएंगी, या अभी और बड़े खुलासे बाकी हैं?