होल्ड अकाउंट से फर्जी लेटरपैड पर निकले लाखों, बैंकिंग सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
बिलाईगढ़। जिले के बहुचर्चित रायकोना ठगी कांड ने अब ऐसा मोड़ ले लिया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम की साख पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। सरसीवां पुलिस की ताजा कार्रवाई में HDFC बैंक के 6 कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस का दावा है कि यह सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि बैंक के भीतर बैठकर रचा गया सुनियोजित फर्जीवाड़ा है, जिसमें नियम-कानून को ताक पर रखकर होल्ड अकाउंट से लाखों रुपये निकाल लिए गए।
होल्ड अकाउंट से कैसे निकले लाखों?
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुख्यात महाठग शिवा साहू के होल्ड खाते से करीब 10 लाख रुपये, जबकि उसकी कथित मंगेतर रितु साहू के खाते से लगभग 21 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह रकम फर्जी लेटरपैड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए निकाली गई, जबकि बैंक के नियमों के मुताबिक होल्ड अकाउंट से बिना वैधानिक आदेश के एक पैसा भी नहीं निकल सकता।
HDFC की दो शाखाएं जांच के घेरे में
गहन जांच के बाद सरसीवां पुलिस ने
🔴 HDFC बैंक, सारंगढ़ शाखा से
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अभिषेक जायसवाल
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दिनेश अनंत
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पूजा मानिकपुरी
और
🔴 HDFC बैंक, बिलाईगढ़ शाखा से
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टीकाराम साहू
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हनुमंत राव टंडन
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प्रमोद देवांगन
को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों शाखाओं के मैनेजरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उनसे जुड़े लेन-देन और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
जमानत पर बाहर शिवा साहू, अंदर बैंकिंग सिस्टम बेनकाब
गौरतलब है कि ठगी कांड का मुख्य आरोपी शिवा साहू फिलहाल जमानत पर बाहर है, लेकिन उसके खातों से हुई यह अवैध निकासी एक बड़े संगठित बैंकिंग रैकेट की ओर इशारा कर रही है।
सरसीवां पुलिस का साफ कहना है कि
“ठगी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
अब बड़ा सवाल…
🔍 क्या बैंक के भीतर और भी लोग इस खेल में शामिल हैं?
🔍 क्या यह सिर्फ एक केस है या सिस्टमेटिक फ्रॉड?
🔍 अगली गिरफ्तारी किसकी होगी?
