सुकमा: नए साल की शुरुआत होते ही नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। पीएलजीए कमांडर और हिड़मा के करीबी सहयोगी बारसे देवा ने शनिवार, 3 जनवरी 2026 को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस घटनाक्रम की सबसे पहली तस्वीर भी सामने आ गई है।
बारसे देवा पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह नक्सली संगठन के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा और पीएलजीए की सैन्य गतिविधियों का प्रमुख कमांडर माना जाता रहा है। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद उसे कमांडर नियुक्त किया गया था और वह संगठन की खतरनाक बटालियन नंबर 1 का नेतृत्व कर रहा था।
बारसे देवा की भूमिका खासकर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में नक्सली गतिविधियों को संचालित करने में अहम रही है। उसके सरेंडर के बाद सुरक्षा बलों के लिए यह माओवादी पार्टी की गतिविधियों पर नियंत्रण पाने का एक बड़ा मौका माना जा रहा है।
तेलंगाना पुलिस ने बताया कि आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी, और बारसे देवा से पूछताछ के बाद नक्सली नेटवर्क के अन्य पहलुओं का भी खुलासा होने की संभावना है।
