बिलासपुर: सिम्स अस्पताल में गर्भवती महिला का फर्श पर ही प्रसव होना अस्पताल प्रशासन की भारी अव्यवस्था को उजागर करता है। तेंदूभाठा से आई महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी, लेकिन कर्मचारियों की लेटलतीफी के कारण उसे समय पर वार्ड में भर्ती नहीं किया जा सका।
जानकारी के अनुसार, सिम्स में इन दिनों लेबर वार्ड पर अत्यधिक दबाव है। जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से रोजाना लगभग 10 से अधिक गर्भवती महिलाओं को बिना इलाज भेज दिया जाता है, जिससे सिम्स की व्यवस्थाएं और भी जटिल हो गई हैं।
शुक्रवार सुबह तेंदुभाठा से आई गर्भवती को भर्ती करने में दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं और अन्य जांच के कारण देरी हुई। प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद महिला की हालत बिगड़ी और परिजनों के सामने ही उसने फर्श पर बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी तुरंत महिला को वार्ड में शिफ्ट करने में सक्षम हुए।
इस घटना ने अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और इमरजेंसी प्रोसीजर की गंभीर कमी को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में समय पर कार्रवाई न होने से मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है।
