रायपुर: रायपुर प्रेस क्लब के आगामी चुनाव की औपचारिक घोषणा के बाद सदस्यों और विभिन्न गुटों में हलचल तेज हो गई है। कलेक्टर द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 6 जनवरी से 13 जनवरी तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। मतदान और मतगणना 13 जनवरी को प्रेस क्लब रायपुर में आयोजित की जाएगी, जिसमें नए अध्यक्ष और कार्यकारिणी का चयन होगा।
चुनाव कार्यक्रम और प्रक्रिया:
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6 से 8 जनवरी: नामांकन पत्र जमा करने की प्रक्रिया
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9 जनवरी: नामांकन पत्रों की जांच और वैध नामांकन सूची का प्रकाशन
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10 जनवरी: नामांकन पत्रों की वापसी और अंतिम प्रत्याशियों की सूची का प्रकाशन
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13 जनवरी: मतदान (सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक) और तत्क्षण मतगणना
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही प्रेस क्लब में सरगर्मी बढ़ गई है। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही विभिन्न गुट अपने-अपने समर्थन में माहौल बनाने में जुट गए हैं।
नए सदस्यों को लेकर विवाद:
सूत्रों के अनुसार चुनाव से पहले लगभग 300 नए सदस्यों को क्लब की सदस्यता दी गई थी। पूर्व पदाधिकारी अब इन नए सदस्यों को लामबंद कर चुनावी समीकरण साधने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, नए सदस्यों के वैध कार्यकाल की स्थिति को लेकर असमंजस है। अब तक केवल 30 से 35 सदस्यों ने ही दावा-आपत्ति दर्ज कराई है।
सदस्यता और मतदान अधिकार:
रायपुर प्रेस क्लब के संविधान की अनुसूची-4 के अनुसार सदस्यता तभी मान्य होती है जब आवेदन स्वीकृत हो और सदस्यता शुल्क जमा कर दिया गया हो। वहीं अनुसूची-6 के अनुसार कोई नया सदस्य छह माह की अवधि पूरी किए बिना चुनाव में भाग नहीं ले सकता। ऐसे में हाल ही में बनाए गए 275 से अधिक नए सदस्य इस बार मतदान नहीं कर पाएंगे।
चुनावी गणित प्रभावित:
नए सदस्यों की सदस्यता और मतदान अधिकार को लेकर उठे सवाल प्रेस क्लब चुनाव के समीकरण बदल सकते हैं। दावा-आपत्ति प्रक्रिया के बाद निर्वाचन अधिकारी का निर्णय इस बार निर्णायक साबित होगा, जो वर्तमान पदाधिकारियों और उनके वोट बैंक पर बड़ा असर डाल सकता है।
रायपुर प्रेस क्लब में 13 जनवरी को होने वाला यह चुनाव न केवल नए अध्यक्ष का चुनाव तय करेगा, बल्कि सदस्यता और मतदान प्रक्रिया के विवादों के कारण राजनीतिक और संगठनात्मक दिशा को भी निर्धारित करेगा।
