जगदलपुर: बस्तर रेंज में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने शनिवार को आयोजित पत्रवार्ता में साफ शब्दों में कहा कि वर्ष 2026 में होने वाले किसी भी नक्सल एनकाउंटर के दौरान एक भी जवान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा बलों की नई और बेहद सटीक रणनीति पूरी तरह तैयार कर ली गई है।
आईजी सुंदरराज पी ने बीते 5 वर्षों के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने लगातार नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी दुख व्यक्त किया कि नक्सलियों ने बौखलाहट में इन पांच वर्षों में करीब 224 निर्दोष आम नागरिकों की हत्या की है।
आईजी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि,
“हमारे जवानों की शहादत कभी व्यर्थ नहीं जाएगी। अब रणनीति ऐसी होगी कि जवान सुरक्षित रहेंगे और नक्सलियों का पूरी तरह सफाया होगा।”
उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों में शासन द्वारा 58 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे नक्सल प्रभावित इलाकों में मजबूत पकड़ बनी है। आत्मसमर्पण के आंकड़े भी नक्सलवाद की कमर टूटने की ओर इशारा कर रहे हैं—
वर्ष 2025 में 1573 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
वर्ष 2024 में 792 नक्सलियों ने सरेंडर किया
17 अक्टूबर 2025 को एक ही दिन में 210 नक्सलियों ने लाल गलियारा छोड़कर मुख्यधारा अपनाई
आईजी सुंदरराज पी ने दावा किया कि नक्सलियों की बची-खुची टुकड़ी को भी जल्द खत्म कर बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त किया जाएगा। यह बयान नक्सल मोर्चे पर निर्णायक लड़ाई की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा