राजधानी में सट्टा और जुआ का कारोबार: छुटभैया नेताओं के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध उद्योग

रायपुर: राजधानी रायपुर में सट्टा और जुआ का अवैध कारोबार अब गृह उद्योग की तरह फल-फूल रहा है। शहर के कई इलाकों में जुए और सट्टे के खुलेआम खेले जाने की जानकारी मिली है। सूत्रों के अनुसार, कुछ छुटभैया नेताओं के संरक्षण के कारण सटोरिए बेखौफ होकर कारोबार चला रहे हैं और पुलिस कार्रवाई अक्सर दबाव और हस्तक्षेप के चलते सीमित रह जाती है।

सट्टा के कुख्यात इलाके और खुला कारोबार

राजधानी के पंडरी, राजातालाब, नयापारा, सिविल लाइन्स, कटोरातालाब, श्यामनगर, समता कालोनी, तेलीबांधा, राजेंद्र नगर, कालीबाड़ी, संजय नगर, टिकरापारा, संतोषी नगर पचपेड़ी नाका, बोरिया खुर्द, गुढ़ियारी, टाटीबंध कोटा, खमतराई, भाठागांव, ट्रांसपोर्ट नगर रावांभाटा, मोवा, सड्डू, खरोरा, सिमगा, अटल एक्सप्रेस-वे के पास बीएसयूपी कालोनी, लालपुर, जोरा, देवेंद्र नगर, बड़ा अशोक नगर, छोटा अशोक नगर, फाफाडीह, बिलासपुर रोड जैसे इलाकों में खुलेआम सट्टा और जुआ खेला जा रहा है। सुबह से ही नंबर बुक कराने वालों की भीड़ देखी जा सकती है।

छुटभैया नेताओं और पुलिस का तालमेल

सूत्रों के मुताबिक, सट्टा संचालक अपने गुर्गों के माध्यम से लड़कों को पैसों का लालच देकर सट्टा लिखवाते हैं। पकड़े जाने पर अपने न्यूज पोर्टल और नेताओं के संपर्क का हवाला देकर पुलिस की कार्रवाई को टालते हैं। यही कारण है कि कई बार पुलिस सटोरियों पर पूरी तरह सख्ती नहीं दिखा पा रही है।

नगर में जुआ माफियाओं की सक्रियता

नेहरू नगर, बस्ती क्षेत्र और अन्य इलाकों में जुआ माफियाओं ने अवैध कारोबार के अड्डे बनाए हैं। जुआरियों से वसूली और उच्च ब्याज पर उधार देने का कारोबार भी चल रहा है। कई बार हारने वाले जुआरी माफियाओं की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्मघाती कदम भी उठा लेते हैं।

युवाओं में बढ़ती जुआ की लत

शहर के युवा जुए और सट्टे के अवैध कारोबार में फंस रहे हैं। नशा और जुआ मिलकर युवा पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में ले चुके हैं। सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम शराब और गांजा की उपलब्धता भी बढ़ रही है।

सट्टा और जुआ में बढ़ती रकम

रायपुर में एक दुकान की आड़ में हजारों रुपये का सट्टा रोजाना खेला जा रहा है। पुलिस की समय-समय पर कार्रवाई के बावजूद सट्टा संचालक अपने अड्डों पर महफिल जमाते रहते हैं। शहर के बड़े होटलों और पुलिस लाइन में भी जुआ और सट्टा चलने की शिकायतें मिल रही हैं।