सदन में अचानक बढ़ा पारा! अजय चंद्राकर की बातों पर भड़के स्वास्थ्य मंत्री, अध्यक्ष से कर दी बड़ी मांग
‘विजन 2047’ चर्चा के दौरान प्रक्रिया पर उठे सवाल, व्यक्तिगत आरोपों पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जताई कड़ी आपत्ति
रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सदन का माहौल गर्म हो गया। ‘विजन 2047’ पर चल रही विशेष चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के सवालों से स्थिति ऐसी बनी कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल नाराज हो गए और उन्हें खड़े होकर अध्यक्ष से कड़ा विरोध दर्ज कराना पड़ा।
⚠️ प्रक्रिया पर सवाल, यहीं से शुरू हुआ विवाद
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा के दौरान आसंदी से ही सवाल उठा दिया कि
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आखिर किस नियम और किस प्रक्रिया के तहत यह चर्चा हो रही है?
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क्या यह शासकीय संकल्प के तहत है?
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चर्चा के बाद मंत्री जवाब देंगे या नहीं?
उन्होंने कहा कि चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी, ताकि विधायकों को पता हो कि उन्हें पक्ष में बोलना है, विपक्ष में या सुझाव देने हैं।
🚨 मंत्री का कड़ा ऐतराज
अजय चंद्राकर की बातों और लहजे से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल इतने असहज हो गए कि वे तुरंत खड़े हो गए।
उन्होंने अध्यक्ष से आग्रह किया कि व्यक्तिगत आरोप लगाने वाले अंश को कार्यवाही से विलोपित किया जाए। इसके बाद सदन में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
📊 ‘विजन 2047’ पर चंद्राकर के तीखे सवाल
इससे पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में छत्तीसगढ़ के विकास का खाका ‘विजन 2047’ के जरिए प्रस्तुत किया था।
इसी पर बोलते हुए अजय चंद्राकर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विजन डॉक्यूमेंट के लिए बधाई तो दी, लेकिन साथ ही एक के बाद एक तीखे सवाल दाग दिए—
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आज तक रोजगार की स्पष्ट परिभाषा तय क्यों नहीं हुई?
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कृषि का रकबा घट रहा, फसलों का उत्पादन कम हो रहा, क्यों?
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एलाईड सेक्टर और सूक्ष्म-लघु उद्योग अधर में क्यों हैं?
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प्रदेश में 97 प्रतिशत लोग अनस्किल्ड क्यों हैं?
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‘मेक इन छत्तीसगढ़’ की अवधारणा कहां है?
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कुटीर उद्योगों के लिए ठोस नीति क्यों नहीं?
😲 “2047 में न्यूयॉर्क बन जाएंगे?”
चंद्राकर ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा—
“चलो अच्छा है, 2047 में न्यूयॉर्क बन जाएंगे।”
उन्होंने वित्त मंत्री की परिकल्पनाओं को अच्छा बताया, लेकिन साथ ही कहा कि
गरीबी उन्मूलन, रोजगार, सिंचाई और सतही जल नीति जैसे अहम मुद्दों पर विजन डॉक्यूमेंट में स्पष्टता नहीं है।
🔥 सदन में आगे भी टकराव के संकेत
अजय चंद्राकर के इन सवालों और मंत्री की नाराजगी ने यह साफ कर दिया है कि विजन 2047 पर चर्चा आसान नहीं होने वाली।
सियासी जानकार मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सदन में और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
