खाली कुर्सियां, गरम सियासत! शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा से नदारद पूरी कांग्रेस
नवा रायपुर में पेपरलेस सत्र की शुरुआत, ‘विजन 2047’ पर सिर्फ BJP की चर्चा—वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सियासी हलचल तेज हो गई, जब सदन में एक भी कांग्रेस विधायक नजर नहीं आया। रविवार से शुरू हुआ यह सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025 तक चलेगा, लेकिन पहले दिन कांग्रेस के पूर्ण बहिष्कार ने पूरे राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।
यह सत्र नवा रायपुर में बने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में आयोजित किया जा रहा है और इसे पूरी तरह पेपरलेस रखा गया है। पहले दिन प्रश्नकाल नहीं हुआ और सदन में केवल छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा की गई—जिसमें सिर्फ भाजपा विधायक ही शामिल रहे।
🚨 कांग्रेस का बहिष्कार, BJP अकेले सदन में
कांग्रेस विधायकों ने पहले दिन के सत्र का बहिष्कार कर दिया, जिसके चलते सदन में विपक्ष की कुर्सियां खाली रहीं। इसी बीच वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ अंजोरा विजन डॉक्यूमेंट 2047 प्रस्तुत किया।
🚀 “चंद्रयान से तेजस तक छत्तीसगढ़ की छाप”
विजन 2047 पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि—
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चंद्रयान और मंगलयान में छत्तीसगढ़ में बना एल्युमिनियम लगा है
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तेजस फाइटर प्लेन और कई रॉकेट में प्रदेश का योगदान है
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छत्तीसगढ़ में बनी रेल पटरियां देशभर में बिछी हुई हैं
उन्होंने इसे प्रदेश की औद्योगिक और तकनीकी ताकत का प्रतीक बताया।
🔥 विपक्ष पर सीधा हमला
कांग्रेस की गैरमौजूदगी पर निशाना साधते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा—
“आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कांग्रेस सदन से नदारद है। जनता इस कुत्सित प्रयास को जरूर सबक सिखाएगी।”
उन्होंने कहा कि जनता इसी रवैये के कारण कांग्रेस को लगातार दरकिनार करती आई है।
📈 2047 का बड़ा लक्ष्य: GDP में जबरदस्त छलांग
वित्त मंत्री ने विजन डॉक्यूमेंट पेश करते हुए बताया—
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वर्तमान में छत्तीसगढ़ की GDP 5.67 लाख करोड़ रुपये है
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वर्ष 2047 तक GDP 74 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है
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UPA सरकार के दौर में देश की अर्थव्यवस्था 10वें स्थान पर थी
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आज भारत की अर्थव्यवस्था चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है
⚠️ आगे और गरमाएगा सदन!
शीतकालीन सत्र के दौरान लॉ एंड ऑर्डर, धान, जमीन दर, बिजली, बिजली बिल, बढ़ती महंगाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं।
हालांकि पहले दिन कांग्रेस के बहिष्कार ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर सियासत और भी गरम होगी।
