बिलासपुर: सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल सरकंडा में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। वर्ष 2006 की पूर्व माध्यमिक परीक्षा में छात्र रवि कुमार यादव की दो अलग-अलग मार्कशीट जारी की गईं, जिनमें परीक्षाफल पूरी तरह विरोधाभासी हैं। पहली मार्कशीट में उनका परिणाम पूरक (Supplementary) दर्शाया गया, जबकि दूसरी में उन्हें अनुपस्थित (Absent) दिखाया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने मामले को गंभीर मानते हुए विद्यालय के प्राचार्य से तत्काल तथ्यात्मक स्थिति और विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया है। DEO ने पत्र में स्पष्ट करने को कहा है कि कैसे और किन परिस्थितियों में एक ही छात्र के लिए दो अलग-अलग परिणाम वाली मार्कशीट जारी हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
शिक्षा विभाग ने इस घटना की रिपोर्ट कलेक्टर और संचालक, स्कूल शिक्षा विभाग को भी भेजी है। अधिकारियों का मानना है कि इस गलती के पीछे प्रमाणपत्र में छेड़छाड़, गलत प्रविष्टि या रिकॉर्ड अपडेट में अनियमितता हो सकती है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की गलती छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया, सरकारी नौकरी या अन्य अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
DEO कार्यालय ने कहा है कि जांच तेज गति से की जाएगी और यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रिकॉर्ड सत्यापन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा।
स्थानीय अभिभावक संगठनों ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई और शिक्षा विभाग से कठोर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें प्राचार्य द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रतिवेदन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।