शहर में भव्य उत्सव, कड़ी सुरक्षा और व्यापक तैयारियां पूरी
अयोध्या। अयोध्या नगरी आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनेगी। 25 नवंबर 2025 को राम मंदिर में भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। ध्वजारोहण मंदिर निर्माण पूर्ण होने का प्रतीक माना जा रहा है। पूरे शहर में दीपोत्सव जैसा माहौल है और अयोध्या को पूरी तरह सजा–संवारा गया है।
शहर में भक्ति का माहौल, घर–घर में भगवा पताका
अयोध्या कैंट से लेकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक बड़े-बड़े लाउडस्पीकरों पर राम भजन, कीर्तन और रामधुन गूंज रही है।
शहर के सभी घरों की छतों पर भगवा ध्वज लहराए जा रहे हैं और लोग दीप जलाकर उत्सव मना रहे हैं।
50 स्थानों पर LED स्क्रीनिंग, पूरे शहर में लाइव प्रसारण
शहर के करीब 50 स्थानों पर बड़ी LED स्क्रीनें लगाई गई हैं, जिन पर ध्वजारोहण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा।
मंदिर के मुख्य द्वारों को फूलों, लाइट्स और विशेष कारीगरी से सजाया गया है। कोलकाता, दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई से आए कारीगरों ने सजावट में हिस्सा लिया है।
सफाई व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है—24 घंटे सफाईकर्मी तैनात हैं।
कड़ी सुरक्षा: 60 बैरिकेड पॉइंट पर चेकिंग
ध्वजारोहण को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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चौराहा से लता मंगेशकर चौक तक भारी पुलिस बल तैनात
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राम पथ पर डबल बैरिकेडिंग
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शहर में आने-जाने वाली कई गलियों पर प्रतिबंध
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अयोध्या बॉर्डर पर 60 बैरिकेड पॉइंट बनाए गए हैं
हर वाहन और व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है।
पीएम मोदी का पूरा कार्यक्रम
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9:35 AM: अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगे
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हेलिकॉप्टर से साकेत डिग्री कॉलेज पहुंचकर एक किलोमीटर का रोड शो
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10 AM: सप्त मंदिरों के दर्शन
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महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा, माता शबरी और शेषावतार मंदिर के दर्शन
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11 AM: माता अन्नपूर्णा, राम दरबार और गर्भगृह के दर्शन
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12 PM: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे
बीते दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तैयारियों का जायजा लिया।
राम ध्वज की खासियत
राम मंदिर पर फहराया जाने वाला ध्वज बेहद विशेष है।
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रंग: केसरिया
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ऊंचाई: 11 फुट, लंबाई: 22 फुट
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ध्वज पर उकेरे गए प्रतीक:
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सूर्य की चमकदार तस्वीर — श्रीराम की वीरता का प्रतीक
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ओम का चिन्ह
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कोविदार वृक्ष की छवि, जो रघुकुल परंपरा का प्रतीक है
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यह ध्वज केवल धार्मिक महत्व ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान भी दर्शाता है।
