रायपुर। सूदखोरी और रईसी की जिंदगी जीने वाले वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी पूछताछ में लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है। पुलिस ने उसके घर से कोरे स्टांप पेपर और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए हैं, लेकिन वीरेंद्र अपनी आय का ठोस स्रोत नहीं बता पा रहा और संपत्ति को वैध साबित करने के लिए मनगढ़ंत कहानियां सुना रहा है।
पुलिस पूछताछ में वीरेंद्र ने किसी भी संपत्ति को जबरन कब्जा करने की बात नहीं मानी। उसके छोटे भाई रोहित तोमर अब भी फरार है और बताया जा रहा है कि वह सरेंडर करने की योजना बना रहा है। वीरेंद्र के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में सूदखोरी, एक्सटार्शन और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। पांच दिन की पुलिस रिमांड के बाद उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र तोमर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में था और विभिन्न राजनीतिक दलों से संपर्क में था। करणी सेना की आड़ में उसने धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर अपनी राजनीतिक छवि सुधारने की कोशिश की। हालांकि, उसने पिछले चार-पांच सालों में स्वयं सूदखोरी से दूरी बनाई, लेकिन यह कार्य उसके भाई रोहित और भतीजे दिव्यांश द्वारा जारी रखा गया।
पुलिस अब इस मामले में संपत्ति की वास्तविकता और धन के स्रोत की जांच कर रही है।
