कोलकाता। पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) की परीक्षा परिणाम जारी होने के बावजूद वेबसाइट क्रैश होने से लगभग 26,000 उम्मीदवारों का भविष्य अधर में है। यह परीक्षा 14 साल के लंबे इंतजार के बाद पिछले सितंबर में आयोजित हुई थी।
वेबसाइट क्रैश और तकनीकी समस्याएँ
7 अक्टूबर को परिणाम घोषित होने के बावजूद, अगले दिन उम्मीदवारों ने
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मुख्य वेबसाइट: “Site can’t be reached”
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सहायता वेबसाइट: “Too Many Requests”
उम्मीदवारों की हताशा
नौवीं-दसवीं और ग्यारहवीं-बारहवीं कक्षाओं को मिलाकर लगभग 5.25 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे। नौवीं-दसवीं में 23,212 पदों पर भर्ती होगी, जबकि ग्यारहवीं-बारहवीं में यह संख्या आधी है।
उम्मीदवार लिखित परीक्षा का स्कोर नहीं देख पा रहे हैं, जिससे उनका इंटरव्यू कॉल और भविष्य पर संदेह पैदा हो गया है।
एक उम्मीदवार चिन्मय मंडल ने कहा, “शायद इतिहास में ऐसा नहीं हुआ होगा। 100 साल बाद लोग किताबें पढ़कर जानेंगे कि 14 साल बाद एक SLST परीक्षा हुई।”
दूसरे उम्मीदवार मेहबूब मंडल ने कहा, “लिखित परीक्षा के बाद ही इंटरव्यू कॉल होगी। जो इतने सालों बाद भी कॉल नहीं पाएंगे, उनका क्या होगा?”
SSC की चुप्पी
अब तक कमीशन की ओर से कोई स्पष्टीकरण या बयान नहीं आया है, जिससे उम्मीदवारों में नाराज़गी और हताशा बढ़ रही है। यह तकनीकी गड़बड़ी न केवल उम्मीदवारों की मेहनत पर सवाल खड़ा कर रही है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाती है।
इस बीच, नौकरी चाहने वाले और प्रदर्शनकारी उम्मीदवार साथ मिलकर समाधान की मांग कर रहे हैं।
