गौठान में भुखमरी से 12 मवेशियों की मौत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लिया गंभीर संज्ञान
प्रशासन की लापरवाही पर HC ने पशुपालन विभाग से तलब की विस्तृत रिपोर्ट, अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को
सक्ती। जैजैपुर जनपद पंचायत के ओड़ेकेरा गौठान में प्रशासन की लापरवाही के कारण 12 मवेशियों की मौत हो गई। गौठान में पर्याप्त चारा और पानी की सुविधा न होने के कारण यह घटना हुई। मवेशियों के कंकाल मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और वायरल वीडियो के बाद उन्हें हटाया गया।
इस मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। बिलासपुर के बेलतरा और सुकलकारी क्षेत्र में लगातार हो रही गायों की मौतों को लेकर अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने राज्य प्रशासन और पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
अदालत ने कहा कि समाचार रिपोर्ट में वर्णित स्थिति “प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण” प्रतीत होती है और इसे तत्काल संज्ञान में लाना आवश्यक है। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि जब राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, तब इस प्रकार की घटनाएं “मानवीय संवेदनाओं पर प्रहार” हैं।
हाईकोर्ट ने पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के प्रमुख सचिव को इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2025 को होगी।
