हाथी की मौत का रहस्य सुलझा! रायगढ़ में वन विभाग की तत्परता से पकड़े गए 3 आरोपी
बिजली के तार और स्नेयर का जाल — वन्य जीवन के खिलाफ बड़ा अपराध उजागर
रायगढ़। वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग ने रायगढ़ वनमंडल के ग्राम केराखोल में मृत हाथी के मामले को त्वरित कार्रवाई से सुलझा लिया। घटनास्थल पर प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हाथी की मौत बिजली के तार की चपेट में आने से हुई।
🔎 जांच में मिले स्नेयर और संदिग्ध उपकरण
मौके पर तार, सूखे पत्ते, मिट्टी के निशान और संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गईं। मृत हाथी के पेट में घाव और स्नेयर के निशान भी पाए गए। वन मंत्री के निर्देश पर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए वन्य अपराध में लिप्त लोगों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
⚡ आरोपी कब और कैसे पकड़े गए
तीन सदस्यीय पशुचिकित्सा टीम ने पोस्टमार्टम किया और प्रारंभिक रिपोर्ट में मृत्यु का कारण विद्युत करंट बताया गया। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त जांच में तीन आरोपियों की पहचान हुई —
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वीर सिंग मांझी (28 वर्ष), ग्राम केराखोल
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रामनाथ राठिया (42 वर्ष), ग्राम औराईमुड़ा
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बसंत राठिया (40 वर्ष), ग्राम केराखोल
पूछताछ में वीर सिंग मांझी ने स्वीकार किया कि उन्होंने खेत की रखवाली के लिए बिजली के तार लगाकर जंगली जानवरों को मारने का प्रयास किया, इसी दौरान हाथी करंट की चपेट में आ गया। आरोपियों ने तार और लोहे का सामान खुद खरीदा था।
🏛️ कानूनी कार्रवाई
तीनों आरोपियों को वन अपराध के तहत गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 एवं 51 के तहत 20 अक्टूबर को अपराध दर्ज किया गया और 21 अक्टूबर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि वन्य जीवन के खिलाफ अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
