सोलर पैनल इंस्टॉलेशन में लापरवाही पर कलेक्टर नाराज — तीन ईई को नोटिस जारी, पीएम सूर्यघर योजना की धीमी प्रगति पर सख्त चेतावनी!
कलेक्टर दीपक ने कहा — 10 दिन में तेजी लाएं काम, लाभार्थियों तक पहुंचे योजना का फायदा, लापरवाह इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई
बलौदाबाजार। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की धीमी प्रगति को लेकर बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। योजना की समीक्षा बैठक में उन्होंने सीएसपीडीसीएल और नगरपालिकाओं के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। सोलर पैनल इंस्टॉलेशन में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने बलौदाबाजार, भाटापारा और कसडोल के कार्यपालन अभियंताओं (ईई) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों, चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों और नागरिकों को योजना की जानकारी देकर प्रोत्साहित करें।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिन शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के निजी आवास हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ लेने प्रेरित किया जाए। साथ ही सभी तीनों डिवीजन के अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि 10 दिनों के भीतर व्यापक प्रचार-प्रसार कर आवेदन संख्या बढ़ाएं, सभी नगरीय निकायों में वेंडरों की सूची उपलब्ध कराएं और उनके काम की कड़ी निगरानी रखें।
उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं, कम प्रगति वाले जूनियर इंजीनियरों (जेई) के कार्यों की समीक्षा कर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए गए।
जानकारी के अनुसार, योजना के तहत बलौदाबाजार जिले को वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए 12,000 सोलर संयंत्रों का लक्ष्य मिला है। अब तक 1,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 397 हितग्राही लाभान्वित किए गए हैं।
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बलौदाबाजार विद्युत संभाग का लक्ष्य: 4,081
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भाटापारा का लक्ष्य: 4,415
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कसडोल का लक्ष्य: 3,504
इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 1 किलोवाट पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 और 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक पर अधिकतम ₹78,000 की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ शासन ने भी ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान किया है, जिससे उपभोक्ताओं को दोहरी राहत मिल रही है।
साथ ही, 20 से अधिक बैंक और वित्तीय संस्थान 6 से 7% ब्याज दर पर सोलर लोन उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके तहत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक वित्तपोषण संभव है।
कलेक्टर ने अंत में कहा कि योजना को सफल बनाना सभी की जिम्मेदारी है, और इसके लिए विभागीय अधिकारी पूरी सक्रियता से कार्य करें।
