सूरजपुर: प्रदेश में NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को एक महीना पूरा हो चुका है और सरकार का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है। सरकार ने 16 सितंबर तक काम पर लौटने का अंतिम अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कर्मचारियों ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया। नतीजा यह हुआ कि बुधवार को सूरजपुर जिले में 594 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई।
इससे पहले भी सरकार ने बलौदाबाजार और कोरबा जिले में कड़ा कदम उठाया था। 16 सितंबर को बलौदाबाजार के 160 से ज्यादा और कोरबा के 21 कर्मचारियों को एक झटके में नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
इसके बावजूद NHM कर्मचारी झुकने को तैयार नहीं हैं। वे अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अब भी आंदोलनरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मौखिक आश्वासन से भरोसा नहीं होगा, सभी मांगें लिखित रूप में पूरी करनी होंगी।
इधर आंदोलन और उग्र रूप लेने जा रहा है। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि कल रायपुर में जेल भरो आंदोलन होगा, जिसमें 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी शामिल होंगे।
जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों की 10 मांगों में से 5 पर सरकार मौखिक सहमति जता चुकी है, लेकिन बाकी 5 मांगों पर सरकार का रुख साफ नहीं हुआ है। यही वजह है कि दोनों पक्षों के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है।
