रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल के बकायादारों को सरकार ने बड़ी राहत देने का मौका दिया, लेकिन इसके बावजूद लाखों उपभोक्ता भुगतान करने में पीछे हैं। मुख्यमंत्री समाधान योजना के तहत अब तक 797 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि माफ की जा चुकी है। इसके बाद भी 7 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने एक रुपया तक जमा नहीं किया है। इस स्थिति ने बिजली वितरण कंपनी की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में करीब 20 लाख 50 हजार आम बिजली उपभोक्ताओं पर कुल 2,421 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। कंपनी ने अब बकाया वसूली तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि योजना का लाभ लेने के लिए 31 दिसंबर 2026 अंतिम तारीख तय की गई है। इसके बाद भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार बिजली कनेक्शन काटने और विशेष वसूली अभियान चलाने की कार्रवाई हो सकती है।
20.50 लाख उपभोक्ताओं पर 2,421 करोड़ रुपये का बकाया
बिजली वितरण कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में लगभग 20 लाख 50 हजार उपभोक्ताओं पर बिजली बिल की राशि बकाया है। इन सभी से करीब 2,421 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। इतनी बड़ी रकम लंबे समय से बकाया होने के कारण कंपनी के सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है।
इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री समाधान योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य पुराने बिजली बिलों का निपटारा करना और बकायादार उपभोक्ताओं को राहत देकर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को मूल बकाया और सरचार्ज में निर्धारित छूट दी जा रही है। लेकिन राहत मिलने के बाद भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का भुगतान नहीं करना कंपनी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
13.54 लाख उपभोक्ताओं को मिली 797 करोड़ रुपये की छूट
मुख्यमंत्री समाधान योजना के तहत अब तक 13.54 लाख उपभोक्ताओं को राहत दी जा चुकी है। इन उपभोक्ताओं के कुल 797 करोड़ रुपये माफ किए गए हैं। इसमें 352 करोड़ रुपये मूल बकाया राशि और 445 करोड़ रुपये सरचार्ज शामिल हैं।
यानी सरकार ने पुराने बिजली बिलों का बोझ कम करने के लिए बड़ी राहत दी है, ताकि उपभोक्ता आसानी से अपनी बकाया राशि का भुगतान कर सकें। बिजली कंपनी का मकसद भी यही है कि लंबे समय से अटके बिलों का निपटारा हो और राजस्व की वसूली बढ़े। हालांकि, अब तक के आंकड़े बताते हैं कि राहत मिलने के बावजूद भुगतान की रफ्तार काफी धीमी है।
797 करोड़ की राहत के बाद भी कंपनी को मिले सिर्फ 125.67 करोड़
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा भुगतान का है। बिजली कंपनी ने योजना के तहत 797 करोड़ रुपये की राहत दी है, लेकिन अब तक उसे केवल 125.67 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं।
इससे साफ है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के बावजूद बकाया राशि जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि योजना की अंतिम तारीख से पहले ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ता अपनी देनदारी का भुगतान कर दें। इसके लिए बकायादारों को योजना की जानकारी देने और भुगतान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया जा रहा है।
7 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अब तक नहीं दिया एक भी रुपया
बिजली कंपनी के आंकड़ों में सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली बात यह है कि योजना के तहत पंजीकृत 7 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने अब तक एक रुपया भी जमा नहीं किया है।
एक तरफ इन उपभोक्ताओं को पुराने बिजली बिलों में राहत दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ भुगतान नहीं होने से कंपनी की वसूली प्रभावित हो रही है। अब ऐसे उपभोक्ताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि योजना की समय-सीमा खत्म होने से पहले बकाया राशि जमा कराई जा सके।
31 दिसंबर 2026 तक मौका, इसके बाद बढ़ सकती है सख्ती
मुख्यमंत्री समाधान योजना का लाभ लेने के लिए 31 दिसंबर 2026 अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। यानी पात्र उपभोक्ताओं के पास अभी भी पुराने बिजली बिलों के निपटारे और निर्धारित छूट का लाभ लेने का अवसर है।
बिजली वितरण कंपनी की ओर से उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बकाया बिल और योजना के तहत मिलने वाली राहत की जानकारी संबंधित बिजली कार्यालय से प्राप्त करें। पात्रता के अनुसार छूट का लाभ लेकर निर्धारित राशि जमा करने से पुराने बकाये का निपटारा किया जा सकता है।
1 जनवरी से कट जाएंगे कनेक्शन? कंपनी ने बनाई वसूली की तैयारी
योजना की समय-सीमा समाप्त होने के बाद बिजली वितरण कंपनी बकाया वसूली के लिए सख्त कदम उठा सकती है। जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर के बाद भी बकाया जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विशेष वसूली अभियान चलाने की तैयारी है। इसके अलावा लागू नियमों और आवश्यक प्रक्रिया के तहत बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 1 जनवरी को सभी बकायादारों के बिजली कनेक्शन अपने आप काट दिए जाएंगे। किसी भी उपभोक्ता के खिलाफ कार्रवाई निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही होगी।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए आखिरी मौका, समय रहते जांच लें अपना बकाया
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल के बकायादारों के लिए मुख्यमंत्री समाधान योजना पुराने बिलों से राहत पाने का महत्वपूर्ण अवसर है। 797 करोड़ रुपये की छूट दिए जाने के बाद भी कंपनी को अपेक्षित भुगतान नहीं मिलना बताता है कि अभी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी देनदारी का निपटारा नहीं किया है।
प्रदेश में 2,421 करोड़ रुपये का बकाया और 7 लाख से अधिक ऐसे उपभोक्ता, जिन्होंने अब तक कोई भुगतान नहीं किया है, बिजली वितरण कंपनी के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल लंबे समय से बकाया है, उन्हें 31 दिसंबर 2026 से पहले अपनी पात्रता, बकाया राशि और मिलने वाली छूट की जानकारी लेकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
