छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तारीखों का ऐलान! 25 जनवरी से घर-घर पहुंचेगी टीम, 10 जनवरी से खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी, जारी हुआ पूरा शेड्यूल

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रहने वाले लोगों के लिए जनगणना 2027 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में जनगणना की तारीखें तय कर दी गई हैं और सरकार ने इसका पूरा कार्यक्रम अधिसूचित कर दिया है। अब जनवरी 2027 से प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। खास बात यह है कि इस बार नागरिकों को घर-घर जनगणना शुरू होने से पहले अपनी जानकारी खुद दर्ज करने का विकल्प भी मिलेगा। इसके लिए 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक का समय निर्धारित किया गया है। वहीं, 25 जनवरी से जनगणना की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों से जानकारी एकत्र करेंगी। यह प्रक्रिया 28 फरवरी तक चलेगी। इसके बाद मार्च के पहले सप्ताह में पुनरीक्षण का काम किया जाएगा। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से 6 नवंबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।

25 जनवरी से घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, 28 फरवरी तक चलेगा काम

राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में जनसंख्या जनगणना का मुख्य कार्य 25 जनवरी 2027 से शुरू होगा। इसके तहत जनगणना से जुड़ी टीमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर लोगों की जनसंख्या संबंधी जानकारी एकत्र करेंगी। यह अभियान 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगा।

इस दौरान परिवार और जनसंख्या से संबंधित निर्धारित जानकारियां दर्ज की जाएंगी। जनगणना की यह प्रक्रिया प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मिलने वाले आंकड़ों का उपयोग सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और भविष्य की नीतियों को तैयार करने में किया जाता है।

10 जनवरी से 24 जनवरी तक खुद दर्ज कर सकेंगे अपनी जानकारी

इस बार जनगणना कार्यक्रम में स्व-गणना यानी Self Enumeration का विकल्प भी शामिल किया गया है। इसके तहत नागरिक 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।

खास बात यह है कि स्व-गणना की यह अवधि घर-घर जनगणना शुरू होने से ठीक पहले रखी गई है। इससे नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खुद अपनी जानकारी भरने का अवसर मिलेगा। हालांकि, जारी अधिसूचना में स्व-गणना के पोर्टल, वेबसाइट या तकनीकी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

1 मार्च से 5 मार्च तक होगा पुनरीक्षण का काम

घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना पूरी होने के बाद भी प्रक्रिया समाप्त नहीं होगी। अधिसूचना के अनुसार, 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।

इस दौरान जनगणना से संबंधित निर्धारित पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार ने स्व-गणना, घर-घर जनगणना और पुनरीक्षण के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की है, ताकि पूरी प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो सके।

1 मार्च 2027 की रात 12 बजे को माना जाएगा संदर्भ समय

जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तारीख और समय भी निर्धारित कर दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, 1 मार्च 2027 को रात 12 बजे यानी 00:00 बजे की स्थिति को जनगणना का संदर्भ समय माना जाएगा।

इसका मतलब है कि जनगणना से संबंधित आंकड़ों के लिए निर्धारित संदर्भ समय यही रहेगा। जनगणना की पूरी प्रक्रिया इसी आधिकारिक कार्यक्रम और निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाएगी।

केंद्र की अधिसूचना को छत्तीसगढ़ सरकार ने किया पुनः प्रकाशित

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में भारत सरकार के गृह मंत्रालय की 30 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना को पुनः प्रकाशित किया गया है। यह कार्रवाई जनगणना नियम, 1990 के नियम 8(iii) के तहत की गई है।

केंद्रीय अधिसूचना क्रमांक का.आ. 5913(अ) में जनगणना का कार्यक्रम घोषित किया गया है। केंद्र सरकार ने जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 और जनगणना नियमावली, 1990 के संबंधित प्रावधानों के तहत यह अधिसूचना जारी की है। केंद्रीय आदेश भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के नाम से जारी हुआ है।

इन राज्यों और क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था

केंद्रीय अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि घोषित कार्यक्रम कुछ राज्यों और क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था के अधीन रहेगा। इसमें मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और लद्दाख को निर्दिष्ट अपवादों में शामिल किया गया है।

इसके अलावा असम के कुछ हिमाच्छादित क्षेत्रों के साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के हिमाच्छादित इलाकों के लिए भी अलग व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। मणिपुर के मामले में आगामी घोषणा होने तक का प्रावधान रखा गया है।

जनगणना के आंकड़ों से तय होती हैं विकास योजनाओं की दिशा

जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है। इसके माध्यम से देश और राज्यों की जनसंख्या से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाती है। इन आंकड़ों का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, संसाधनों का आकलन करने और विकास से जुड़े नीतिगत फैसले लेने में किया जाता है।

छत्तीसगढ़ में अब जनगणना 2027 की तारीखें स्पष्ट हो गई हैं। जनवरी में स्व-गणना से शुरुआत होगी, इसके बाद घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जाएगी और मार्च के पहले सप्ताह में पुनरीक्षण किया जाएगा। ऐसे में प्रदेश के नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे निर्धारित कार्यक्रम पर नजर रखें और जनगणना की प्रक्रिया में सहयोग करें।

जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल एक नजर में

  • स्व-गणना: 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027
  • घर-घर जनगणना: 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027
  • पुनरीक्षण कार्य: 1 मार्च से 5 मार्च 2027
  • जनगणना संदर्भ समय: 1 मार्च 2027, रात 12 बजे
  • अधिसूचना जारी होने की तारीख: 6 नवंबर 2026

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