रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरकारी आवास के सामने उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर गाड़ियों के शीशे तोड़कर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास के मुख्य गेट से कुछ ही दूरी पर हुई इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों को व्यक्ति को काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूचना मिलने पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
मुख्यमंत्री निवास के पास अचानक शुरू हुआ हंगामा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के समय अचानक शोरगुल सुनाई देने लगा। कुछ लोगों ने गोली चलने जैसी आवाज सुनने की बात भी कही, जिससे आसपास मौजूद लोगों में चिंता फैल गई। घटना स्थल के नजदीक चाय-पान की दुकानों पर मौजूद लोगों और गांधी गार्डन में सुबह की सैर करने आए लोगों ने हंगामा देखा। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
बताया जा रहा है कि उत्पात मचा रहे व्यक्ति और पुलिस कर्मियों के बीच काफी देर तक झूमाझटकी हुई। पुलिस कर्मियों ने उसे काबू में लेने का प्रयास किया और अंततः उसे हिरासत में ले लिया। घटना के दौरान कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए।
112 एम्बुलेंस के शीशे टूटने की जानकारी
सिविल लाइन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवांगन के अनुसार, मौके पर गोली चलने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। हालांकि, 112 एम्बुलेंस के शीशे टूटने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है और मामले के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि घटना से जुड़े घटनाक्रम और व्यक्ति की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस की ओर से गोली चलने की पुष्टि नहीं की गई है।
आरोपी की मेडिकल जांच कराई जा रही
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिया गया व्यक्ति प्रथम दृष्टया मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से प्रभावित प्रतीत हो रहा है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए उसकी मेडिकल जांच कराई जा रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही उसकी स्थिति और घटना के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
पुलिस ने बताया कि फिलहाल हालात सामान्य और नियंत्रण में हैं। मामले की जांच जारी है। मुख्यमंत्री निवास के नजदीक हुई इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता पुलिस की विवेचना और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही चल सकेगा।
