शराब में मिलावट और नकली पैकेजिंग का बड़ा खेल! रायपुर से दो और आरोपी गिरफ्तार, 4,409 खाली बोतलें और हजारों ढक्कन बरामद होने से मचा हड़कंप

 

भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में शराब में मिलावट और अनधिकृत पैकेजिंग से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में रायपुर से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी विभाग के जिला आबकारी अधिकारी मधुकल हरित श्याम और आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम को भी निलंबित किया जा चुका है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शराब की पैकेजिंग से जुड़ी सामग्री की बरामदगी और कथित अवैध गतिविधियों को लेकर जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और शराब में मिलावट की पूरी प्रक्रिया को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

किराए के मकान में मिली थी शराब की पैकेजिंग से जुड़ी सामग्री

मामले की शुरुआत 8 सितंबर 2026 को हुई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बसंत नगर, नारायणपुर में उत्तम देवनाथ के किराए के मकान में अवैध शराब में मिलावट और अनधिकृत पैकेजिंग में इस्तेमाल की आशंका वाली सामग्री रखी गई है। सूचना के आधार पर एसडीओपी शेर बहादुर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानुप्रतापपुर पुलिस की टीम ने मकान की तलाशी ली।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में शराब की पैकेजिंग से संबंधित सामग्री बरामद की। जब्त सामान में 105 पत्ते स्टीकर और होलोग्राम, 4,409 खाली बोतलें, पौवा और अद्धी, खाली पौवा की 170 पेटियां तथा विभिन्न ब्रांडों के 3,380 ढक्कन शामिल थे। इसके अलावा जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 पौवा भी जब्त किए गए थे।

बरामद सामग्री की मात्रा के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस इस सामग्री के इस्तेमाल और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

रायपुर से पकड़े गए पुरुषोत्तम गुप्ता और इंद्रजीत उर्फ गोलू

पुलिस के मुताबिक, मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को अब रायपुर से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुरुषोत्तम गुप्ता, उम्र 30 वर्ष, और इंद्रजीत गुप्ता उर्फ गोलू, उम्र 24 वर्ष, के रूप में हुई है। दोनों गरियाबंद के आजाद चौक के निवासी बताए गए हैं।

इससे पहले पुलिस आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज चुकी है। अब दो और गिरफ्तारियों के बाद मामले की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस आरोपियों की कथित भूमिका और जब्त सामग्री से उनके संबंधों की पड़ताल कर रही है।

आबकारी विभाग के दो अधिकारी भी निलंबित

इस मामले में कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। जिला आबकारी अधिकारी मधुकल हरित श्याम और आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम को भी निलंबित किया जा चुका है। हालांकि, निलंबन के आधार और अधिकारियों की जिम्मेदारी से जुड़े विस्तृत निष्कर्षों के लिए आधिकारिक आदेश तथा जांच के नतीजों को देखना जरूरी होगा।

शराब में मिलावट और अनधिकृत पैकेजिंग से जुड़ा यह मामला अब पुलिस और आबकारी विभाग, दोनों की जांच के दायरे में है। बड़ी मात्रा में खाली बोतलों, ढक्कनों, स्टीकर और होलोग्राम की बरामदगी के बाद यह पता लगाना अहम होगा कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और कथित गतिविधियों से कौन-कौन जुड़ा था।

आगे की जांच से खुल सकते हैं और राज

दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में आगे क्या सामने आता है, इस पर नजर बनी हुई है। फिलहाल, बरामद सामग्री, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और निलंबित अधिकारियों से जुड़े पहलुओं की जांच के आधार पर ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

पुलिस की कार्रवाई के बावजूद यह ध्यान रखना जरूरी है कि आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।

 

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