जमीन की रजिस्ट्री के बाद खुला सरकारी रिकॉर्ड का खौफनाक खेल, 20 लाख की ठगी में पटवारी समेत 3 पर FIR

 

अंबिकापुर। मणिपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मेण्ड्राकला में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी धोखाधड़ी और सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी कर जमीन का वास्तविक रकबा बढ़ाकर दर्ज किया गया और इसी रिकॉर्ड के आधार पर जमीन का सौदा कर दिया गया। शिकायत और प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

रजिस्ट्री और नामांतरण के बाद सामने आया पूरा मामला

मामला ग्राम मेण्ड्राकला स्थित खसरा नंबर 922 की जमीन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ब्रह्मरोड निवासी रमेश कुमार अग्रवाल ने इस जमीन का सौदा किया था। दस्तावेजों में जमीन का रकबा 0.753 हेक्टेयर बताया गया था। शिकायत के अनुसार, रमेश कुमार अग्रवाल ने जमीन की पूरी राशि का भुगतान करने के बाद उसकी रजिस्ट्री और नामांतरण भी करा लिया।

इसके बाद जब मौके पर जमीन का सीमांकन कराया गया तो वास्तविक क्षेत्रफल बताए गए रकबे से काफी कम निकला। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गलत जानकारी और कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का सौदा किए जाने से उसे करीब 20 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।

जांच में सरकारी रिकॉर्ड में ओवरराइटिंग का आरोप

शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा की ओर से मामले की जांच कराई गई। विशेष जांच दल की रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2005 से 2007 के दौरान पदस्थ तत्कालीन हल्का पटवारी पन्ने लाल सोनवानी के कार्यकाल से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में जमीन के रकबे को लेकर कथित हेराफेरी सामने आई।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, पाण्डु और बुढ़िया के नाम दर्ज मूल रकबा 0.433 हेक्टेयर था। आरोप है कि इस रिकॉर्ड में ओवरराइटिंग और कूटरचना के जरिए रकबे को बढ़ाकर 0.753 हेक्टेयर दर्शाया गया। इसी बढ़े हुए रकबे के आधार पर जमीन का विक्रय किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

पटवारी समेत तीन लोगों पर दर्ज हुई FIR

प्रशासनिक जांच में सरकारी अभिलेखों में कथित आपराधिक हेरफेर की बात सामने आने के बाद मणिपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने पाण्डु पिता कल्याण दास, बुढ़िया पिता कल्याण दास और तत्कालीन हल्का पटवारी पन्ने लाल सोनवानी के खिलाफ FIR दर्ज की है।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों के खिलाफ FIR क्रमांक 0171/2026 में धोखाधड़ी, कूटरचना, कूटरचित दस्तावेज का इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-B का उल्लेख किया गया है।

करीब 20 लाख के नुकसान का दावा

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमीन के वास्तविक रकबे और रिकॉर्ड में दर्ज रकबे के बीच अंतर के कारण उसे करीब 20 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब मौके पर सीमांकन कराया गया, तब जमीन के रकबे को लेकर वास्तविक स्थिति सामने आई।

अब पुलिस प्रशासनिक जांच में सामने आए दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी जांच का विषय होगा कि राजस्व रिकॉर्ड में कथित बदलाव किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में किया गया तथा जमीन की बिक्री के दौरान इस रिकॉर्ड का किस तरह इस्तेमाल हुआ।

मणिपुर थाना पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।