बिलासपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को बिलासपुर में विरोध दर्ज कराया। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर कई सवाल उठाए।
आम आदमी पार्टी की ओर से प्रदेश सह प्रभारी राकेश जाटव, प्रदेश संगठन मंत्री सरदार जसवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला, खगेश चंद्राकर समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे।
SIR को लेकर AAP ने लगाए गंभीर आरोप
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में SIR के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। पार्टी का दावा है कि देश के विभिन्न राज्यों में चल रही इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। ज्ञापन में करीब 13 करोड़ 47 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि, ये आंकड़े और इससे जुड़े आरोप आम आदमी पार्टी के दावे हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं और अंतिम SIR मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा उपलब्ध है।
दिल्ली चुनाव को लेकर भी उठाए सवाल
पार्टी नेताओं ने वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। AAP का आरोप है कि उस दौरान भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए और इससे पार्टी को चुनावी नुकसान हुआ।
AAP ने दावा किया कि चुनाव के बाद पार्टी की ओर से निर्वाचन आयोग के समक्ष कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज और सबूत प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने इसी आधार पर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में आम आदमी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था को लेकर उसे गंभीर आपत्तियां हैं।
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार 19 फरवरी 2025 से भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर हैं। आयोग खुद को चुनाव प्रक्रिया संचालित करने वाली संवैधानिक संस्था के रूप में वर्णित करता है।
AAP ने हाल में भी सार्वजनिक बयानों और प्रदर्शनों के जरिए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा SIR प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई की मांग उठाई है।
SIR की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में SIR के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नामों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। पार्टी ने यह जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराए जाने की मांग रखी है।
इसके अलावा पार्टी ने दिल्ली समेत पिछले दो वर्षों में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, वहां मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का ऑडिट कराने और पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग भी की है।
छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची के पुनरीक्षण की मांग
बिलासपुर में AAP नेताओं ने छत्तीसगढ़ को लेकर भी अपनी मांग रखी। पार्टी ने राज्य में मतदाता सूची से हटाए गए नामों का दोबारा पुनरीक्षण कराने और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने की मांग की है।
AAP नेताओं ने कहा कि मताधिकार नागरिकों का महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है और चुनाव प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए मतदाता सूची में पारदर्शिता जरूरी है। पार्टी ने राष्ट्रपति से इस मामले में संवैधानिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
ज्ञापन सौंपने के बाद पार्टी के मीडिया प्रभारी इरफान सिद्दीकी ने कहा कि आम आदमी पार्टी लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगों को आगे भी उठाती रहेगी।
