जशपुर के बेटे ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास! चोट के बावजूद दौड़े अनिमेष कुजूर, भारत को दिलाया कांस्य पदक

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाने वाले एथलीट अनिमेष कुजूर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एशियन गेम्स में अनिमेष ने भारतीय टीम के साथ 4×100 मीटर मिक्स्ड रिले स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से जशपुर से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है।

फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने 41.06 सेकंड का समय दर्ज किया। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने 41.35 सेकंड के अपने पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर करते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर दिया। बारिश से प्रभावित ट्रैक पर भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए देश के खाते में कांस्य पदक जोड़ा।

चीन ने जीता गोल्ड, थाईलैंड को सिल्वर

4×100 मीटर मिक्स्ड रिले के फाइनल में चीन ने 40.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। थाईलैंड की टीम 40.87 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रही और रजत पदक जीता। भारतीय टीम ने 41.06 सेकंड में रेस पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया।

भारतीय टीम में गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा एसएस, अनिमेष कुजूर और हरिता भद्रा शामिल रहे। सभी खिलाड़ियों ने चुनौतीपूर्ण मौसम और बारिश के बीच अपनी पूरी ताकत झोंक दी और भारत को पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

जशपुर में जन्मे अनिमेष ने बढ़ाया प्रदेश का मान

अनिमेष कुजूर की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से उनके गृह जिले जशपुर के साथ पूरे छत्तीसगढ़ में उत्साह है। जशपुर की मिट्टी से निकले इस युवा एथलीट ने एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है।

अनिमेष के पिता अमृत कुजूर छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। अनिमेष की सफलता को लेकर जशपुर और प्रदेश के खेल प्रेमियों की ओर से लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।

चोट के बावजूद नहीं मानी हार

अनिमेष कुजूर ने चोट की चुनौती के बावजूद प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय टीम के साथ पदक हासिल किया। एशियन गेम्स के मंच पर तिरंगे के साथ अनिमेष और उनके साथी खिलाड़ियों की तस्वीरें अब प्रदेश के खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

उनकी यह सफलता सिर्फ एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं।

जशपुर के इस युवा एथलीट ने एक बार फिर दिखा दिया है कि छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता है। अनिमेष कुजूर की इस उपलब्धि ने जशपुर और पूरे प्रदेश को गर्व का मौका दिया है।