नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हजारों परिवार अब भी अपनों की तलाश में हैं। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने लापता लोगों की पहचान की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बड़ी पहल की है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ के बाद बरामद अज्ञात शवों की पहचान के लिए भारत अपने यहां मौजूद करीबी जैविक रिश्तेदारों की DNA प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
इसके लिए भारत की केंद्रीय और राज्य स्तरीय फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं समेत DNA जांच की सुविधा वाली अन्य मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
5 हजार लोग अब भी लापता
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह आई अचानक बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,259 हो गई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
आपातकालीन दल अब तक 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं, जबकि करीब 5 हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में अज्ञात शवों की पहचान करना राहत एवं बचाव अभियान के साथ-साथ परिवारों के लिए भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
किन रिश्तेदारों के लिए होगी DNA प्रोफाइलिंग?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत में रहने वाले लापता व्यक्ति के प्रथम श्रेणी के जैविक रिश्तेदारों के नमूने लिए जा सकते हैं।
इनमें शामिल हैं:
- पिता
- माता
- बेटा
- बेटी
- भाई या बहन
इन जैविक नमूनों से DNA प्रोफाइल तैयार की जाएगी, जिसका इस्तेमाल नेपाल में मिले अज्ञात शवों की पहचान में किया जा सकेगा।
इन फॉरेंसिक लैब में होगी जांच
केंद्र सरकार ने DNA प्रोफाइल तैयार करने के लिए कई सरकारी फॉरेंसिक संस्थानों की सेवाएं उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
इनमें केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं (CFSL), राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं (SFSL) और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) की प्रयोगशालाएं शामिल हैं।
इसके अलावा DNA जांच की सुविधा वाली NABL से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
26 अगस्त की बाढ़ के बाद शुरू हुई पहचान की चुनौती
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद शवों की पहचान की प्रक्रिया को लेकर भारतीय दूतावास, काठमांडू ने भी जानकारी साझा की थी।
इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत में उपलब्ध फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की सेवाएं उपलब्ध कराने का फैसला किया, ताकि नेपाल में जारी शवों की पहचान की प्रक्रिया को गति मिल सके।
ऑटोसोमल STR DNA प्रोफाइल से होगी पहचान
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल पुलिस की सलाह के अनुसार पहचान के लिए ऑटोसोमल STR DNA प्रोफाइल तैयार की जा सकती है।
DNA प्रोफाइल तैयार करने के दौरान नेपाली अधिकारियों की ओर से बताई गई तकनीकी आवश्यकताओं का पालन करना होगा। इसके बाद तैयार प्रोफाइल को नेपाल के अधिकारियों द्वारा मांगी गई प्रारंभिक जानकारी के साथ साझा किया जाएगा।
अज्ञात शवों के DNA से होगा मिलान
भारत में तैयार की गई DNA प्रोफाइल को नेपाल में अज्ञात शवों से प्राप्त DNA प्रोफाइल के साथ मिलाया जाएगा।
अगर दोनों प्रोफाइल में वैज्ञानिक स्तर पर मेल मिलता है, तो इससे अज्ञात शव की पहचान में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
नेपाल में बाढ़ के बाद जारी इस भयावह मानवीय संकट के बीच भारत की यह पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो अब भी अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं।
